नई दिल्ली। देश के पूर्वी इलाके में प्रलयकारी तूफान ‘दाना’ का आंतक शुरू हो चुका है. चक्रवात देर रात 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के तट से टकराया। इसके टकराने के साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है । कई जगहों पर हवाओं की रफ्तार भी इतनी तेज है कि बड़े-बड़े दरगज पेड़ जड़ समेत उखड़ गए।

इस तूफान की चपेट में आए राज्यों में रेल से लेकर सड़क परिवहन भी पूरी तरह से प्रभावित है। मौसम विभाग के अनुसार चल रही तेज हवाओं की रफ्तार भी 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के सीएम मोहन माझी बात की है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

आईएमडी ने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने की प्रक्रिया 24 अक्टूबर की रात से शुरू होगी और 25 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगी। चक्रवात के दस्तक देने के दौरान अधिकतम गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार चक्रवात की दस्तक प्रक्रिया धीमी होती है, जिसमें आमतौर पर 5-6 घंटे लगते हैं। अक्टूबर की रात से 25 अक्टूबर की सुबह के बीच चक्रवात के दस्तक देते समय भारी बारिश, हवा और तूफानी लहरें चरम पर होंगी।

ओडिशा में लगभग आधी जनसंख्या पर दाना का असर देखने को मिल सकता है. ओडिशा में 14 जिलों के दस लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाना है । पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में भी तेज हवाएं चल रही हैं. दाना के असर की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो रही है तेज हवा चल रही है।

ओडिशा के भद्रक, केंद्रपाड़ा और बालासोर में अचानक हवा की रफ़्तार काफी बढ़ गई है. अब यहां 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवा चल रही है।

सुरक्षा के इंतजाम :ओडिशा के केंद्रपाड़ा में दाना प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाले गए लोगों के एक शिविर में खाना बनाती महिलाएं
दाना के भीषण रूप लेने की आशंका को देखते हुए दोनों ही राज्यों में सरकारी मशीनरी हाई अलर्ट पर है।

ओडिशा मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और बाढ़ से पैदा हो सकने वाले संभावित प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं.

ओडिशा में छह लाख निकाले गए
ओडिशा सरकार ने दाना प्रभावित इलाकों से निकाले गए लोगों को रखने के लिए 7200 साइक्लोन सेंटर बनाए हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आसन्न तूफान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है.

माझी ने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर राज्य ने कुल 5,84,888 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और शुक्रवार सुबह तक यह संख्या 600,000 से अधिक हो सकती है. माझी ने बताया कि अब तक 5.84 लाख लोगों को तटवर्ती जिलों के निचले इलाके के हाई रिस्क जोन से 5.84 लाख लोगों को निकाला जा चुका है.

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