रांची। एतिहासिक बड़कागढ़ स्थित जगन्नाथपुर में रविवार को भव्य रथ यात्रा निकली। रथ आ आरूढ़ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व बहन सुभद्रा भक्तों के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी रथ खींचा और जय जगन्नाथ का जयकारा लगाया। देर शाम भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा का रथ खींच कर उन्हें मौसी बाड़ी पहुंचाया। रथयात्रा में सबसे आगे काला, इसके बाद लाल और फिर सफेद रंग का चंवर था। काला चंवर भगवान जगन्नाथ स्वामी का प्रतीक था, जबकि लाल बहन सुभद्रा और सफेद बलभद्र स्वामी का प्रतीक था। तीनों छातों के आगे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाये जा रहे थे। संगीत पर भक्त नृत्य कर रहे थे। रथ यात्रा शुरू होने से पहले नवविवाहित जोड़ों ने मौर चढ़ाया।

17 को भगवान लौटेंगे अपने धाम: 17 तक भगवान मौसी बाड़ी में ही रह कर भक्तों को दर्शन देंगे। फिर उसी दिन घुरती रथ यात्रा में भगवान अपने धाम पहुंचेंगे। इससे पूर्व 3 बजे से ही श्री विष्णुसहस्रनामर्चना शुरू हो गयी थी। इसमें बड़ी संख्या में पुरुषों-महिलाओं दोनों ने भाग लिया। रथ यात्रा में सांसद संजय सेठ, कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, हटिया विधायक नवीन जायसवाल भी शामिल हुए।

झारखंड की सुख-समृद्धि की कामना : सीएम ने अपने एक पुत्र के साथ रथ यात्रा में भाग लिया। रस्साबंधन के बाद उन्होंने रथ भी खींचा। भगवान से राज्य की खुशहाली व स्मृद्धि की कामना की। सीएमा 4.30 बजे जगन्नाथपुर पहुंच गये थे। 5.10 मिनट पर पूजा अर्चना खत्म हुई। रथ में रस्साबंधन हुआ और मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो ट्वीट कर उन्होंने लिखा महाप्रभु की ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल होने का परम सौभाग्य मिला। जय जय जगन्नाथ स्वामी।

बारिश नहीं होना शुभ संकेत नहीं : रथयात्रा के दिन बारिश जरूर होती है, और इसे शुभ संकेत माना जाता है। रविवार को बारिश नहीं हुई, जिसे लोग शुभ संकेत नबीं मान रहें हैं। इसे ले कर किसानों में तरह-तरह की आशंका है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version