
पटना। यातायात पुलिस के सिपाही, हवलदार और जमादार (सहायक अवर निरीक्षक) न तो वाहन जांच के लिए गाड़ी रोकेंगे और न ही किसी तरह का आॅन स्पॉट चालान कर सकेंगे। उनका काम सिर्फ ट्रैफिक रेगुलेशन (सुगम यातायात) करना होगा। चालान से जुड़ी किसी भी तरह की कार्रवाई दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) या उससे ऊपर के पदाधिकारी ही करेंगे। अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी इसका उल्लंघन करते पाए तो उनके विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने इससे जुड़ा आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को प्रेस वार्ता में एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि वाहन जांच को लेकर सभी जिलों को नया दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। कई बार ट्रैफिक सिपाही वाहन जांच के लिए गाड़ी रोकते हैं और आगे की कार्रवाई के लिए दारोगा या उससे ऊपर के अधिकारी के पास भेज देते हैं, अब वह यह काम भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वाहन जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड रखने वाले डिजी लॉकर को भी मान्य किया गया है। सभी ट्रैफिक एसपी-डीएसपी को इसका सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है।
बॉडी वॉर्न कैमरा बंद तो दोषी साबित होंगे पुलिसकर्मी: एडीजी ने बताया कि सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा आॅन रखना अनिवार्य किया गया है। अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी के विरुद्ध किसी प्रकार की शिकायत आती है और उस समय उनका बाडी वार्न कैमरा बंद पाया जाता है, तो ऐसे मामलों में पुलिसकर्मी को दोषी मानते हुए आरोप सही माना जाएगा।
कोलकाता की तर्ज पर पटना में जाम से निबटेंगे ट्रैफिक जवान : कोलकाता की तर्ज पर अब पटना के जाम का इलाज किया जाएगा। अभी तक पटना में ट्रैफिक जवानों की प्रतिनियुक्ति किसी निश्चित चौक-चौराहे या प्वाइंट पर होती थी मगर अब इसमें बदलाव किया गया है। एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने बताया कि अब ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी प्वाइंट टू प्वाइंट यानी सड़क के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक तक होगी। इस स्ट्रेच के बीच यातायात सुचारू रखने की पूरी जवाबदेही संबंधित ट्रैफिक जवानों की होगी।
एडीजी ने बताया कि स्कूल और कार्यालयों के आवागमन के समय पिक आवर में ट्रैफिक इंस्पेक्टर, डीएसपी और एसपी को भी सड़क पर रहकर यातायात मानीटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान वह कार्यालय में न रहकर फील्ड में रहेंगे। पिक आवर में जाम की मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी के तहत बने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से भी की जाएगी। इसमें जहां जाम अधिक मिलेगा, वहां अतिरिक्त बल और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) भेजकर निदान कराया जाएगा। नई व्यवस्था में ट्रैफिक एसपी-डीएसपी को बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यकानुसार वन-वे लागू करने, रोड बैरिकेड करने आदि का भी प्रस्ताव मांगा गया है।
अतिक्रमण के विरुद्ध चलेगा रोको-टोको अभियान: एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि जाम से निजात के लिए सड़कों को अंतिक्रमणमुक्त रखना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए पुलिसकर्मियों को नगर निगम, जिला प्रशासन आदि से समन्वय कर लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। दोबारा अतिक्रमण होने पर रोको-टोको अभियान चलाने को कहा गया है, इसमें अतिक्रमण करने वालों को लगातार रोकने और टोकने के लिए कहा गया है। इसकी जिम्मेदारी संबंधित थानों को देते हुए अतिक्रमण करने वालों से जुमार्ना वसूलने को कहा गया है।
