नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन से परहेज करने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला पूरी तरह राष्ट्र, संविधान और संसद विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी कांग्रेस अब राष्ट्रीय गीत के सम्मान को भी राजनीतिक चश्मे से देखने लगी है।

अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं बल्कि भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रभावना और स्वाधीनता की चेतना जगाने का काम किया था। ऐसे राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन से कांग्रेस का परहेज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ राजनीति नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज संविधान की दुहाई देती है लेकिन उसे यह भी याद रखना चाहिए कि संविधान की मूल भावना राष्ट्र की एकता, अखंडता और नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की है। संसद में राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर देश की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए, न कि वोट बैंक की राजनीति के लिए उसमें विभाजनकारी दृष्टिकोण तलाशा जाए।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का सम्मान किसी दल, जाति या धर्म का विषय नहीं बल्कि भारत माता और 140 करोड़ देशवासियों के सम्मान का विषय है। कांग्रेस को अपनी राजनीतिक मजबूरियों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। भारत की जनता राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान और तुष्टिकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी तथा हर भारतीय के मन में वंदे मातरम् का सम्मान सदैव सर्वोच्च रहेगा।

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