
रांची। झारखंड की बहुचर्चित जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों के पास से भारी मात्रा में जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अभ्यर्थियों के मार्क्सशीट, ओएमआर शीट्स, शैक्षणिक प्रमाण पत्र आदि भी मिले थे। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।इस मामले में पहले ही जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद को गिरफ्तार किया गया।इसके अलावा तीन अन्य कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार, जेपीएससी का कर्मचारी सोनू कुमार व परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर सह मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी का सहयोगी अरविंद कुमार के अलावा 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गलत तरीके से चयनित एक अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गिरफ्तार किया जा चुका है।इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

