
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) कार्यालय में छापेमारी के अगले ही दिन बुधवार को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की धाराएं भी लगाई गईं हैं।
सीआईडी ने इस पूरे प्रकरण में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों में जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।
सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेजा जा रहा है। सीआईडी के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को रांची पुलिस के साथ मिलकर जेपीएससी कार्यालय व टीडीपीएल से जुड़े राज्य के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी।छापेमारी के दौरान सीआइडी ने मौके से डिजिटल साक्ष्य, अन्य दस्तावेज आदि की बरामदगी की थी।
मौके से जेपीएससी के अधिकारियों-कर्मियों के अलावा परीक्षाओं को संचालित करने वाली एजेंसी से जुड़े कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ की जा रही थी। दस्तावेज की समीक्षा व संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही सीआइडी ने उक्त प्राथमिकी दर्ज की और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री के आदेश पर हो रही है कार्रवाई
सीआईडी की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद हो रही है। मुख्यमंत्री को 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम में अनियमितता व पूर्व में भी हुई अनियमितता मामले में शिकायतें मिलीं थीं। इसके बाद ही उन्होंने सीआईडी को इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था।
मुख्यमंत्री को यह भी शिकायत मिली थी कि जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी जेपीएससी-जेएसएससी की सभी परीक्षाओं में जालसाजी के माध्यम से पास करता गया गया था।
वह उन परीक्षाओं में वन टू टेन में रहा। जेपीएससी व एजेंसी के पदाधिकारियों पर जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने, वसूली, पेपर लीक, ओएमआर सीट में फेरबदल, डिजिटल टैंपरिंग व मनी लांड्रिंग की शिकायत की गई थी।
आरोपित कंपनी टीडीपीएल झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सूचीबद्ध है और यह परीक्षा संचालित कराती है। इस कंपनी पर गंभीर अनियमितता, काम के बदले ऊंचे दर पर भुगतान मांगने आदि के आरोपों पर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
आरोप है कि ब्लैकलिस्ट करने के बावजूद यह कंपनी जून 2025 से परीक्षाएं संचालित कराती रही। अब सीआइडी इन सभी आरोपों, शिकायतों की जांच करेगी।


