पटना । केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मिलने अस्पताल पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरएलजेपी प्रमुख पशुपति पारस को अचानक तबीयत बिगड़ने और सांस लेने में दिक्कत के बाद पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। जैसे ही चिराग पासवान को अपने चाचा की तबीयत खराब होने की खबर मिली, वे तुरंत साईं अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और फिर उन्हें गले लगाया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से पारस की सेहत को लेकर विस्तार से जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल में पशुपति पारस के समर्थकों की भीड़ भी देखने को मिली, जो उनकी सेहत के बारे में जानकारी लेने पहुंचे थे। मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उनके चाचा उनके लिए पिता समान हैं। उन्होंने साफ कहा कि “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मैं यहां एक बेटे के तौर पर उनकी तबीयत जानने आया हूं।दरअसल, राम विलास पासवान के निधन के बाद चिराग पासवान और पशुपति पारस के रिश्तों में खटास आ गई थी। साल 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी, जिसमें एक गुट की कमान पारस ने संभाली जबकि चिराग पासवान ने अपनी अलग पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बनाई।हालांकि, हाल के घटनाक्रमों से दोनों के रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं जिससे भविष्य में सुलह की अटकलें भी तेज हो गई हैं।अगर चुनावी प्रदर्शन की बात करें तो 2019 के लोकसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी ने बिहार में छह सीटें जीती थीं। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने एनडीए के तहत 5 सीटें हासिल कीं, जिसके बाद वे केंद्रीय मंत्री बने। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीटों पर जीत दर्ज की।फिलहाल डॉक्टरों ने पारस की सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी है लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version