
रांची। संगठित अपराधी गिरोह झांगुर ग्रुप के प्रमुख और पांच लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी रामदेव उरांव ने शनिवार को रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उसके साथ गिरोह के सक्रिय सदस्य प्रसाद उरांव और सुबास उरांव ने भी सरेंडर किया। एसएसपी राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप के फरार अपराधी गुमला और रांची जिले की सीमा पर घूम रहे हैं तथा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।



पुलिस टीम जब बेड़ो थाना क्षेत्र के लमकाना और रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में पहुंची तो तीनों अपराधियों ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताते हुए झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार रामदेव उरांव झांगुर ग्रुप का प्रमुख है और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ गुमला जिले के विभिन्न थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूट, अवैध हथियार रखने और आपराधिक षड्यंत्र सहित लगभग 29 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में रामदेव उरांव (47 वर्ष), प्रसाद उरांव (24 वर्ष) और सुबास उरांव (23 वर्ष) शामिल हैं। तीनों गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के देवरागानी गांव के निवासी हैं।
हथियार भी बरामद : आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस ने एक स्वचालित हथियार, एक एसएलआर रायफल, 45 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद किए हैं।
इस अभियान में बेड़ो के पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो. कफील अहमद, घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, विकास कुमार सहित रांची और गुमला जिला के सशस्त्र बल शामिल थे।
