
मुंबई। ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को जबरदस्त गिरावट देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,677.12 अंक (2.15 प्रतिशत) लुढ़ककर 76,503.60 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 516.65 अंक यानी 2.12 प्रतिशत टूटकर 23,882.05 अंक पर आ गया। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का 30 जून का बाद का निचला स्तर है। अमेरिका ने मंगलवार को ईरान पर फिर हमले किये। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता समाप्त होने की घोषणा की। इससे शेयर बाजारों में जोखिम उठाने की निवेशकों की चाहत को धक्का पहुंचा है। साथ ही कच्चा तेल छह प्रतिशत से अधिक चढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। घरेलू स्तर पर वृहत बाजार में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वहीं, बाजार में उथल-पुथल के स्तर को दिखाने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 24.85 पर पहुंच गया। चौतरफा बिकवाली के बीच तेल एवं गैस, आॅटो, वित्त, बैंकिंग, एफएमसीजी, मीडिया, रसायन और सीमेंट सेक्टरों के सूचकांक दो से ढाई प्रतिशत तक गिर गये। आईटी, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और स्वास्थ्य समूहों में एक से दो प्रतिशत तक गिरावट रही।सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर सबसे अधिक पांच प्रतिशत, मारुति सुजुकी का चार प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनीलिवर तथा बजाज फाइनेंस के तीन प्रतिशत से ऊपर टूटे। कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और एक्सिस बैंक के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक लुढ़क गये। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टीसीएस, एनटीपीसी, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा और इटरनल के शेयर एक से दो प्रतिशत नीचे बंद हुए। टाटा स्टील, सन फार्मा और टाइटन में भी गिरावट रही।शेयर बाजार में आई गिरावट के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में करीब सवा आठ लाख करोड़ रुपये की कमी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद घट कर 471.44 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी मंगलवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 479.68 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 8.24 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।




