
सरायकेला: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में पूर्व आभूषण व्यवसायी उमंग चौधरी के घर हुई डकैती की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 9 अक्टूबर की रात चांडिल बस स्टैंड के पास स्थित उनके घर में हथियारों के बल पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात लूट लिए गए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इलाके में पार्सल पहुंचाने वाला एक कूरियर डिलीवरी ब्वॉय ही डकैतों का मुखबिर था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डिलीवरी ब्वॉय ने दी थी घर की जानकारी
सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चांडिल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की। जांच के दौरान सुकसारी निवासी कूरियर डिलीवरी कर्मी राहुल कुमार महतो की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, राहुल ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2022-23 में जमशेदपुर की घाघीडीह जेल में बंद रहने के दौरान उसकी पहचान कथित कुख्यात डकैत मोहिउद्दीन अंसारी और सोबराती अंसारी से हुई थी। इलाके की भौगोलिक जानकारी होने के कारण राहुल ने उमंग चौधरी के घर को निशाना बनाने का सुझाव दिया और गिरोह को घर की जानकारी उपलब्ध कराई।
धनबाद से जेवरात खरीदने वाला भी गिरफ्तार
डकैती में लूटे गए आभूषणों की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिस ने धनबाद जिले के बरोरा निवासी त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार को भी गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब 24 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और अन्य सामान बरामद किए हैं।
बरामद सामान में 5,142 ग्राम गलाया हुआ चांदी, 80 ग्राम गलाया हुआ सोना, ब्रिटिशकालीन चांदी के 32 ऐतिहासिक सिक्के, पीपल के पत्ते के आकार के चांदी के दो स्वास्तिक और हीरे जैसे छोटे पत्थरों के 11 नग शामिल हैं। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
मुख्य आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल मुख्य डकैतों को इससे पहले हजारीबाग जिले के चौपारण से गिरफ्तार किया जा चुका है। चांडिल डकैती कांड में लगातार कार्रवाई और लूटे गए आभूषणों की बरामदगी से स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।