रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सबसे बड़े विश्वस्त रहे पूर्व चंपाई सोरेन के बीच सुलह के दरवाजे अब लगभग पूरी तरह बंद हो गए हैं। परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि राज्य के कोल्हान प्रमंडल की धरती पर अब दोनों के एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। चंपई सोरेन ने फिलहाल हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन अब वह न तो अपने कार्यालय जा रहे हैं और न ही किसी सरकारी कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।

20 अगस्त की देर रात दिल्ली से लौटने के बाद वह लगातार अपने क्षेत्र में बने हुए हैं। वह गांव-गांव का दौरा और समर्थकों के साथ बैठक कर नया संगठन खड़ा करने की कवायद में जुटे हैं। शुक्रवार को भी उन्होंने गम्हरिया में एक होटल के सभागार में महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने इस कार्यक्रम की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि नारी शक्ति का यह उत्साह देखिए। अति अल्प सूचना पर आयोजित इस बैठक के लिए हॉल छोटा पड़ गया।

शनिवार को सरायकेला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में चंपाई सोरेन की कार्यकर्ताओं के साथ साथ करेंगे बैठक। कर सकते हैं बड़ा एलान। झामुमो से बगावत के बाद चंपाई सोरेन अपने दो विकल्प नए संगठन के निर्माण, राह में मिले नए साथी के साथ आगे बढ़ाने के फार्मूल के तहत रोजाना आगे बढ़ रहे हैं।

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