नई दिल्ली। 7 जनवरी को वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया। 49 वर्षीय अग्निवेश की मौत एक स्कीइंग हादसे के बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई। इस खबर ने परिवार और उद्योग जगत को गहरा सदमा पहुंचाया। अनिल अग्रवाल ने इसे अपने जीवन का “सबसे अंधेरा दिन” बताया था।

वेदांता ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल, एक छोटे व्यवसाय से उठकर अरबों डॉलर की वैश्विक प्राकृतिक संसाधन और धातु कंपनी के प्रमुख बने हैं। उनके नेतृत्व में वेदांता ने खनन, तेल-गैस, धातु और बिजली जैसे विविध क्षेत्रों में विस्तार किया है। अनिल अग्रवाल नाम नाम प्रभावशाली उद्योगपतियों में शुमार है।

अनिल अग्रवाल का जन्म 24 जनवरी 1954 को पटना (बिहार) के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उनके पिता द्वारकाप्रसाद अग्रवाल का एक छोटा एल्यूमीनियम कंडक्टर बनाने का बिजनेस था, जिसमें अनिल ने अपने प्रारंभिक समय में मदद की और इसी से उनके व्‍यवसायिक सपनों की नींव पड़ी। इसी व्यवसाय से सीख लेकर अनिल अग्रवाल ने बाद में मुंबई में स्क्रैप डीलर के तौर पर काम शुरू किया और अपनी धातु (मेटल) की दुनिया की नींव रखी।

अनिल अग्रवाल की पत्‍नी और बच्‍चे अनिल अग्रवाल के व्यक्तिगत जीवन में पत्नी किरण अग्रवाल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने न केवल पारिवारिक मोर्चे पर सहयोग दिया, बल्कि वेदांता समूह की सामाजिक पहलों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। अनिल अग्रवाल के दो बच्चे थे जिसमें पुत्र अग्निवेश अग्रवाल जिनकी दुखद मौत हो गई और पुत्री एक बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर है।

वहीं बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर वेदांता ग्रुप की बोर्ड सदस्य और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। वे सामाजिक और एनिमल वेलफेयर कार्यों में सक्रिय हैं। प्रिया का विवाह बैंकर आकर्ष हेब्बर से हुआ है, और उनकी बेटी माही, अनिल अग्रवाल की पोती हैं, जिन्हें वह अपनी “सबसे बड़ी खुशी” बताते हैं।

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