रांची। वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत आम बजट का प्रसारण देखने सुनने की व्यवस्था रविवार में चेंबर भवन में की गई थी। इस अवसर पर काफी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और प्रोफेशनल्स ने उपस्थित होकर, बजट प्रसारण को देखा। इस मौके पर आम बजट को व्यापारियों ने समावेशी और जन हितैषी बताया बताया। बजट पर चेंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि वित्त मंत्री का आम बजट में जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में कमी करना और हेल्थ सेक्टर और आयुर्वेद पर विशेष फोकस स्वागतयोग्य कदम है। रांची में निम्हांस-2 की स्थापना भी एक सकारात्मक कदम है। हालांकि झारखण्ड के उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों के अनुरूप विशेष ध्यान अपेक्षित था। राज्य के समग्र विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं और रेलवे नेटवर्क के व्यापक विस्तार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। वनों की रक्षा के कारण राज्य अपने कई संसाधनों का उपयोग नहीं कर पा रहा है, इसलिए इसके एवज में केंद्र सरकार की ओर से झारखण्ड को विशेष केंद्रीय फंड उपलब्ध कराना न्यायसंगत होता। उन्होंने कहा कि थर्मल पावर, अतिरिक्त स्टील प्लांट्स, डिफेंस मटेरियल यूनिट्स, उच्च शैक्षणिक संस्थान, स्पेशल इकोनॉमिक जोन, महुआ बोर्ड और बायोफ्यूल निवेश जैसी पहलें राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को तेज कर सकती थीं, लेकिन इनका उल्लेख बजट में नहीं है। झारखण्ड के आदिवासी बहुल इलाके आज तक रेल की सुविधा से वंचित हैं। यहां की इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों के अनुरूप थर्मल पावर स्टेशन और एक दो अतिरिक्त स्टील प्लांट्स की स्थापना करना जरूरी था। क्रिटिकल मिनरल्स और नए बिजनेस फॉर्मेट्स पर बजट में प्रावधान है, लेकिन झारखण्ड को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। यहां मौजूद कॉल बेड मीथेन को बायोफ्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था लेकिन इस क्षेत्र में निवेश नहीं हुआ।

चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी बजट है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा हुआ निवेश, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण को प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए विशेष ग्रोथ फंड से उद्योग जगत में नई ऊर्जा आएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही राज्यों को कर हिस्सेदारी बनाए रखने से संघीय ढांचे को मजबूती मिलेगी। उन्होने कहा कि हमें विश्वास है कि यह बजट व्यापार, निवेश और समावेशी विकास को नई गति देगा।

चेंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, एमएसएमई, स्वास्थ्य और कर सुधारों पर दिया गया जोर आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क सुदृढ़ होगा, जिससे राज्य में उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। खनिज और स्टील आधारित उद्योगों के लिए वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस झारखंड की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version