
पटना। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बिहार के 875 किमी एनएच को विकसित किए जाने को ले 33,464 करोड़ रुपए की योजना को स्वीकृत कर दिया है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।



उन्होंने कहा कि बिहार को इतनी बड़ी राशि एक वित्तीय वर्ष में पहली बार मिली है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्य योजना को मंजूरी भी मिल गयी है। वार्षिक योजना के तहत गंडक नदी पर दो बड़े पुल एवं कमला नदी पर एक बड़े पुल का होना है निर्माण कराया जाना है।
पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि उक्त स्वीकृत परियोजनाओं में गंडक नदी पर बगहा एवं पतजीरवा में दो बड़े पुल एवं कमला नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण होना है। इन पुलों के निर्माण होने से आम नागरिकों को आवागमन में सहूलियत होगी और इसका व्यापक स्तर पर पड़ेगा।
पथ निर्माण मंत्री ने जानकारी दी कि ने कहा कि वार्षिक कार्ययोजना के तहत स्वीकृत योजना के तहत 380 किमी लम्बाई में राष्ट्रीय उच्च पथों काे 4 लेन में विकसित किया जाना है।
इसमें राम जानकी मार्ग का मशरख-चकिया-शिवहर-सीतामढ़ी-भिठ्ठामोड तक (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 227ए एवं 227), बरियारपुर से जमुई होते हुए देवघर के पास बिहार सीमा तक (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 333), अरवल-जहानाबाद-बिहारशरीफ (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 33) एवं बेतिया से बगहा (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 727) आदि सड़क प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी-चिरांत (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 122ए), समस्तीपुर-दरभंगा (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 322), हरिहरगंज औरंगाबाद नौबतपुर पथांश (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 139) तथा बरबीघा जमुई-बांका ढाका मोड़ (राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 333ए) का पेभ्ड सोल्डर के साथ 2 लेन में चौड़ीकरण का कार्य किया जायेगा। इस स्वीकृत कार्य योजना में 18 आरओबी का निर्माण भी शामिल किया गया है।
नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में मिली सहमति
पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर सात मई को उन्होंने बिहार की कार्य योजना पर चर्चा की थी जिसे स्वीकृति मिल गयी है। उन्होंने श्री गडकरी के प्रति आभार जताया है।

