
रामगढ़ । देशव्यापी हड़ताल को रामगढ़ जिले के मजदूर संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। बुधवार को कोयलांचल के सभी कोलियरी में काम ठप रहा। गाड़ियां साइडिंग में ही खड़ी रह गईं। जिले के सभी कोलियरी में मजदूरों ने चक्का जाम किया। इसकी वजह से सीसीएल को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। रामगढ़ जिले में कुजू, तोपा, तापिन, हेसागढ़ा, करमा, भुरकुंडा, अरगड्डा, उरीमारी, बरका सायल, न्यू बिरसा सहित सभी कोलियरी में मजदूरों ने काम बंद रखा। इस बैंड का ऐलान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र अखिल भारतीय संघ की ओर से किया गया था।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने इस मजदूर आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाई है। संगठन के लोगों ने समहरणालय के समक्ष धरना दिया और सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का निजीकरण किया जा रहा है। मेहनतकश लोगों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। एलआईसी में 6.5 प्रतिशत सरकार की हिस्सेदारी को बेचा गया।
मौके पर मजदूर संघ के लोगों ने श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को रद्द करने, नई पेंशन प्रणाली को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, अनुबंध और ठेका प्रथा बंद करने, समान काम के लिए समान वेतन देने जैसी कई मांगों को सरकार के समक्ष रखा।
धरना में अजीत मिंज(अध्यक्ष), अविनाश कुमार (शाखा सचिव) पंकज कुमार साहू, ब्रजेश कुमार तिवारी, लक्ष्मी सिंह, अर्जलाल मांझी, निधि, जया कुमारी, धनंजय कुमार, समसद अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।
वहीं राष्ट्रव्यापी बंद को लेकर भाकपा-माले के जिला सचिव हीरा गोप, भुनेश्वर बेदिया, देवकीनंदन बेदिया, झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष बिगेन्द्र ठाकुर, एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) नेता अमल कुमार, महादेव मांझी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। सुभाष चौक में चक्का जाम करते हुए नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हड़ताल का उरीमारी में पड़ा व्यापक असर : संयुक्त मोर्चा का देशव्यापी हड़ताल का उरीमारी में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल समर्थक सड़़क पर उतरकर बन्द कराने में लगे हुए थे। परियोजना में काम करने वाले लोगों को चेकपोस्ट के समीप रोका गया। इस दौरान परियोजना का उत्पादन और कोयला सम्प्रेषण पूरी तरह ठप्प रहा।
मौके पर जेसीएमयू के क्षेत्रीय सचिव संजीव बेदिया, यूसीडब्लूयु के क्षेत्रीय सचिव बिंदयाचल बेदिया, राकोमयू के उरीमारी अध्यक्ष सीताराम किस्कु, सोनाराम मांझी सहित अन्य मौजूद थे।
