नई दिल्ली। भारत 2025 के अंत तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। उस समय देश की नॉमिनल जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद को मौजूदा बाजार कीमतों पर मापना) बढ़कर 4.187 ट्रिलियन डालर हो जाएगी और यह जापान की जीडीपी 4.186 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा होगी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की विश्व आर्थिक परिध्श्य से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और वह अगले दो सालों में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करने वाला एकमात्र देश होगा।’

जापान को मिलेगी कड़ी टक्कर : दूसरी ओर, जापान को वैश्विक व्यापार में कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है, जिसके चलते उसकी आर्थिक वृद्धि 2025 और 2026 में 0.6 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी। विकास की ऊंची दर से भारत की जीडीपी 2028 में बढ़कर 5.584 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी और यह जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

आईएमएफ ने 2025 में जर्मनी के लिए शून्य विकास दर और 2026 में 0.9 प्रतिशत का अनुमान लगाया है। इसके पीछे वजह यह है कि वैश्विक व्यापार युद्ध के चलते यूरोपीय देशों में सबसे अधिक नुकसान जर्मनी को होने की उम्मीद है। 2028 में जर्मनी की जीडीपी 5.251 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका की जीडीपी 2025 के लिए 30.507 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। जबकि दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की जीडीपी 19.231 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ का एलान करके दुनियाभर में उथल-पुथल मचाने वाले अमेरिका की विकास दर इस साल 1.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2026 में यह कम होकर 1.6 प्रतिशत रह जाएगी। इसी तरह, यूरो क्षेत्र में 2025 में विकास दर धीमी होकर मात्र 0.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
हालांकि, 2026 में इसमें मामूली सुधार होगा और यह 1.2 प्रतिशत हो जाएगी। फ्रांस में अगले दो वर्षों में क्रमश: 0.6 प्रतिशत और 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। 2025 में अन्य देशों की तुलना में स्पेन द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। यह 2.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करने वाला एकमात्र यूरोपीय देश होगा। हालांकि, 2026 में इसमें 1.8 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। ब्रिटेन में अगले दो वर्षों में क्रमश: 1.1 और 1.4 प्रतिशत की वृद्धि रहने की उम्मीद है।

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