रांची। धनतेरस पर शनिवार को झारखंड में लगभग 2000 करोड रुपये का कारोबार हुआ। इसमें लगभग 1150 करोड़ रुपये का कारोबार गहने, सोने के गहने, सोने की बिस्किट, चांदी के सिक्के, हीरे की ज्वेलरी और लगभग 850 करोड रुपये का कारोबार वाहन, इलेट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक सहित अन्य सामानों की खरीदारी से हुआ।

धनतेरस को लेकर राजधानी सहित राज्य के विभिन्न शहरों और ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। सुबह से ही गहने, वाहन, बर्तन सहित अन्य चीजों की दुकानें सज गई थीं। आम लोग दोपहर से ही दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंचने लगे थे और अपनी जरूरत के हिसाब से चीजों की खरीदारी कर रहे थे।

इस बार केंद्र सरकार की ओर जीएसटी (गुडस एंड सर्विस टैक्स) की दरों में छूट से उत्साहित उपभोक्ताओं ने महंगी कारें, बाइक, टीवी, फ्रीज, एसी, वाशिंग मशीन, फर्नीचर के सामान, घरेलू उपयोग के चीजें, बर्तन सहित अन्य चीजों की खरीदारी की। इस संबंध में

एक्सआईएसएस (एक्सएआईएसएस) के अर्थशास्त्र के प्राध्यापक डॉ आरके अग्रवाल का कहना है कि इस वर्ष कुल कारोबार में से 60 प्रतिशत हिस्सा गहने की खरीदारी से और 40 प्रतिशत हिस्सा वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य चीजों की खरीदारी का रहा।

डॉ अग्रवाल का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल सोना और चांदी की कीमतों में लगभग 60 से 70 प्रतिशत का उछाल आया है। इससे खरीदारों में उत्साह थोडा कम है, लेकिन इनकी अधिक कीमत होने के कारण कम कारोबार में झारखंड में व्?यवसाय का आंकडा 2000 करोड़ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्य चीजों पर जीएसटी की दर कम हुई, लेकिन सोने-चांदी के गहनों पर लगनेवाले जीएसटी की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पूर्व की तरह अब भी तीन प्रतिशत ही है।

इस बार धनतेरस पर आॅनलाइन शॉपिंग का खासा क्रेज देखने को मिला। लोगों ने जमकर आॅनलाइन शॉपिंग की। बावजूद इसके बाजार में आॅनलाइन शॉपिंग का कोई असर नहीं दिखाई दिया और सभी दुकानों पर ग्राहाकों की भारी भीड देखी गई।

शाम होते ही वाहनों के शोरूम, ज्वेलरी के दुकान, बर्तनों सहित अन्य चीजों की दुकानों में पर भारी भीड़ जुट गई। बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। हर किसी को पहले सामान खरीदकर घर जाने की जल्दी थी।

वहीं धनतेरस के चलते रांची के अपर बाजार, मेन रोड, सर्कुलर रोड सहित प्रमुख सड़कों पर भारी जाम लगी रही। इन सडकों पर वाहन रेंगते नजर आए। वहीं रांची के मेन रोड सहित अन्य इलाकों के वाहन के शोरूम में लोगों ने अपनी पसंदीदा गाडी की बुकिंग कई सप्ताह पहले ही करा ली थी। ताकि वे शुभ मुहुर्त में अपनी पसंदीदा वाहन को घर ला सकें।

धनतेरस पर बर्तनों की दुकानों पर सबसे अधिक भीड देखने को मिली। हर आम और खास अपनी सामर्थ्य के हिसाब से कुछ न कुछ बर्तन खरीद रहा था।

बाजार में सबसे अधिक मांग झाडू की रही। हर कोई के बाजार से निकलेवाले हर व्यक्ति के हाथ में झाडू दिखाई दिया। इसके अलावा घर सजाने के लिए कागज से बनी चीजें, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा और उनके स्टीकर, करंज के तेल, पूजा की सामग्री सहित अन्य चीजों की खरीदारी लोगों ने की।

वहीं झारखंड चेंबर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि राज्य में धनतरेस पर लगभग 2000 करोड़ के कारोबार होगा। जबकि रांची में लगभग 600 करोड़ का कारोबार होगा।

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