
पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाईयों के बीच शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के एक साथ चार-चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पटना और जमुई से करीब 48 लाख रुपये नकद, 60 लाख रुपये से अधिक के सोने के गहने, करोड़ों की जमीन और फ्लैट से जुड़े कागजात, महंगी गाड़ियां और कई संदिग्ध निवेश के दस्तावेज मिले हैं। जांच में पता चला है कि गोपाल कुमार ने अपनी आय से करीब 2.61 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई की है।घर-ससुराल, आॅफिस पर एक साथ हुई कार्रवाई : गोपाल कुमार वर्तमान में ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा (जमुई) में कार्यपालक अभियंता हैं। वे वर्ष 2008 में सरकारी सेवा में आए थे और कई जिलों में तैनात रह चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार उनकी संपत्ति उनकी वैध कमाई से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक पाए जाने के बाद इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया गया था।केस दर्ज करने के बाद कोर्ट से अनुमति लेकर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने गोपाल कुमार के पटना की मजिस्ट्रेट कालोनी स्थित फ्लैट, कंकड़बाग स्थित पैतृक घर, जमुई के किराये के मकान, झाझा कार्यालय और पटना स्थित ससुराल समेत कई जगहों पर छापेमारी की। ईओयू ने छापेमारी के दौरान इंजीनियर के पटना स्थित फ्लैट से 39.65 लाख रुपये नकद, 424 ग्राम सोना और करीब एक किलो चांदी के गहने बरामद किए।इसके अलावा सगुना मोड़ के जेबी माल में दो दुकान, दानापुर में जमीन और निमार्णाधीन भवन, चार कमरों वाले फ्लैट में भारी नकद भुगतान से जुड़े कागजात भी बरामद हुए। कई जमीन खरीद समझौते भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।जमुई से आठ लाख नकद, हुंडई क्रेटा बरामद : पटना के अलावा इंजीनियर गोपाल कुमार के जमुई स्थित आवास से छापेमारी में आठ लाख लाख रुपये से अधिक नकद और एक हुंडई क्रेटा गाड़ी बरामद की गई। जांच में यह गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति सुरेंद्र प्रसाद के नाम पर खरीदी गई बताया गया। जिसकी कीमत 19 लाख रुपये है। इसके अलावा तीन बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपये जमा मिले हैं, जिन्हें फिलहाल फ्रीज किया गया है।साथ ही यहां से जीवन बीमा की सात योजनाओं से जुड़े कागजात भी मिले हैं। आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। घर से विभाग की कई सरकारी फाइलें भी मिली हैं, जिसकी जानकारी ग्रामीण कार्य विभाग को दी जाएगी।
