नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले और फिर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार छह जून को जम्मू-कश्मीर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सुरक्षा के जो अभूतव्पूर्ण इंतजाम किए गए थे। इनमें से एक जो बड़ा चैलेंज था। वह था पीएम मोदी का रेल मार्ग से चिनाब और अंजि ब्रिज का उद‌घाटन करते हुए श्री माता वैष्णो देवी माता कटरा रेलवे स्टेशन जाना। इसके लिए जो सिंगल कोच की ‘इंस्पेक्शन कार’ इस्तेमाल की गई थी। वह पिछले साल 23 अगस्त को युक्रैन दौरे पर गए गोला-बारूद हमले से भी बेअसर बुलेटप्रूफ ‘रेल फोर्स-वन’ की तरह थी।

सिक्योरिटी एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि पहलगाम टेरर अटैक और ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह से पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल अटैक किए थे। उसे देखते हुए इस बार पीएम मोदी की जम्मू-कश्मीर विजिट सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील थी। इसे देखते हुए पीएम की रेल मार्ग से चिनाब और अंजि ब्रिज विजिट के लिए सुरक्षा के बेहद खास इंतजाम किए गए थे। इसके लिए एजेंसियों ने महीनों पहले पीएम स्पेशल इंस्पेक्शन कार तैयार कराई थी। जो की युक्रैन दौरे पर गए बुलेटप्रूफ रेल फोर्स-वन की तरह ही थी। जिसमें गोला-बारूद का भी असर नहीं होता है। सिंगल कोच वाली यह इंस्पेक्शन कार भी पूरी तरह से बुलेटप्रूफ तैयार कराई गई थी।

कार में थी 25 लोगों के बैठने की जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इस पर सवार थे। तब यह बिजली से नहीं बल्कि डीजल से चल रही थी। ताकि किसी भी स्थिति में अगर पावर फेल भी हो जाती है या कर दी जाती है तो भी पीएम की सिंगल कोच वाली वह इंस्पेक्शन कार बिना रूके सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई जा सके। इस खास इंस्पेक्शन कार में 25 लोगों के बैठने की जगह थी। जिसमें पीएम सर के अलावा कुछ अन्य वीआईपी थे। बाकी सभी में एसपीजी कमांडों और सुरक्षा की दृष्टि से अन्य साजो-सामान था।

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