
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अफसरों ने शहर के चर्चित न्यूक्लियस माल के संचालक विष्णु अग्रवाल के यहां दोबारा छापेमारी की तो शाम में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी की सूचना आई। आलमगीर आलम सै लगभग 15 घंटे से अधिक समय तक दो दिनों की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी हुई। हेमंत सोरेन के बाद आलमगीर आलम दूसरे राजनीतिज्ञ हैं, जिन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया है। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव (पीएस) संजीव लाल, उनके नौकर और करीबियों के यहां छापेमारी में 35 करोड़ रुपए से अधिक कैश बरामद हुए थे। इसी सिलसिले में ईडी ने मंगलवार और बुधवार को आलमगीर आलम को पूछताछ के लिए बुलाया था। दो दिनों की पूछताछ के बाद आखिरकार आलमगीर को भी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। आलमगीर ने ईडी के सवालों का भरसक ईमानदारी से जवाब दिया, लेकिन ईडी की टीम उससे संतुष्ट नहीं हुई। आलमगीर की कैश कांड में सहभागिता का सूत्र पाकर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आलमगीर झारखंड के संताल परगना से आते हैं। वे झारखंड की महागठबंधन सरकार में कांग्रेस के कोटे से मंत्री हैं। आलमगीर की गिरफ्तारी से न सिर्फ कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में झटका लगेगा, बल्कि विपक्ष को महागठबंधन में भ्रष्टाचारी नेताओं की पोल खोलने में भी मदद मिलेगी। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश जैसे कांग्रेस के कद्दावर नेता झारखंड का दौरा कर चुके हैं। आलमगीर की गिरफ्तारी के दिन ही जयराम रमेश रांची में ही थे। दिन में वे मोदी सरकार पर हमला बोल रहे थे और शम में उनकी ही पार्टी के नेता की गिरफ्तारी हो गई।
गिरफ्तारी से पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से ईडी ने दो दिनों तक लगातार पूछताछ की। गिरफ्तारी के बाद उनकी जांच करने के लिए मेडिकल टीम ईडी कार्यालय बुलाई गई। जांच के बाद ईडी कार्यालय से बाहर निकली मेडिकल टीम ने बताया कि मंत्री आलमगीर आलम की सभी जांच रिपोर्ट नॉर्मल है। वे पहले से ही शुगर के पेसेंट हैं , तो इसके लिए दवाइयां बता दी गई हैं। आलम आज रात ईडी की हिरासत में रहेंगे। कल उन्हें ईडी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। संभव है कि और पूछताछ के लिए ईडी उनके रिमांड की भी मांग करे।
हेमंत सोरेन हो चुके हैं गिरफ्तार : ईडी को खेल-तमाशा समझ कर उलझाए रखने वाले झारखंड के सीएम रहे हेमंत सोरेन पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। हालांकि उनकी गिरफ्तारी का आलमगीर के मामले से कोई कनेक्शन नहीं है। हेमंत की गिरफ्तारी जमीन घोटाले में हुई है, जबकि आलमगीर की गिरफ्तारी उनके पीएस के नौकर और करीबियों के यहां से 35 करोड़ से अधिक कैश बरामदगी के सिलसिले में हुई है।
