मधुबनी। बिहार के लिए गौरव का क्षण है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वेलकम किट में मधुबनी का सत्तुज शामिल किया गया है। विदेशी मेहमानों और देश-विदेश से आए करीब 1200-1300 प्रतिनिधियों को यही सत्तुज परोसा जा रहा है। इस उपलब्धि के पीछे 48 घंटे की कड़ी मेहनत है।सत्तुज के फाउंडर सचिन कुमार ने बताया कि बिहार उद्योग विभाग और विदेश मंत्रालय ने उनसे सीधे संपर्क किया था। उन्हें 200 ML वाले जीरा सत्तुज के 1500 पैकेट का ऑर्डर दिया गया, लेकिन डिलीवरी के लिए मात्र 48 घंटे का समय था। उनकी यूनिट पटना के फतुहा में है। पूरी टीम ने दिन-रात काम कर समय पर ऑर्डर पूरा कर दिल्ली पहुंचाया। सत्तुज के पैकेट पर ब्रांड नाम सत्तुज लिखा है। इसका निर्माण गोरूरल फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने किया है।जलजीरा फ्लेवर सत्तुज : यह जलजीरा फ्लेवर का सत्तुज है, जिसे लैक्टोज-फ्री, ग्लूटेन-फ्री और वेजिटेबल प्रोटीन से भरपूर बताया गया है। किट में इसके साथ पूर्णिया के मखाना को भी शामिल किया गया है। विदेश मंत्रालय के ओएसडी वासुदेव रवि ने पुष्टि की है कि बिहार सरकार के सहयोग से सत्तुज को किट में शामिल किया गया है। इसमें बिहार उद्योग विभाग ने अहम भूमिका निभाई और मधुबनी से ही प्रोडक्ट सोर्स कराया गया। ब्रिक्स किट में बिहार के अलावा ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हैंडीक्राफ्ट को भी जगह मिली है।सत्तुज के फाउंडर सचिन कुमार मूल रूप से मधुबनी शहर के हैं। उनका परिवार कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कारोबार से जुड़ा है। MBA के बाद उन्होंने मुंबई में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर की नौकरी की। 2009 में नौकरी छोड़कर मधुबनी लौटे और पारंपरिक खानपान को ब्रांड बनाने का सपना देखा। 2018 में तीन फ्लेवर स्वीट, जलजीरा और चॉकलेट के साथ सत्तुज लॉन्च किया।पत्नी ने संभाला रेसिपी डेवलपमेंट : इस सफर में उनकी पत्नी व को-फाउंडर रिचा कुमारी ने रेसिपी डेवलपमेंट का जिम्मा संभाला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट कर कहा, “नए बिहार की नई पहचान – बिहार के स्वाद अब दुनिया के सामने।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए इसे लोकल टू ग्लोबल संकल्प की सफलता बताया।

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