
नई दिल्ली ।बाबा गणिनाथ-गोविंदजी चैरिटेबल ट्रस्ट (दिल्ली) के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन सिद्ध हुई। भारत और नेपाल के विभिन्न राज्यों एवं शहरों से जुड़े प्रतिष्ठित कवियों, साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता कर अपनी उत्कृष्ट रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार साह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य संध्या जैसे आयोजन साहित्यिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के कवियों की साझा भागीदारी दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता और साहित्यिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी ट्रस्ट साहित्य, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन हेतु ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के महामंत्री रविंद्र कुमार मद्धेशिया ने की, जबकि सफल एवं प्रभावशाली मंच संचालन सविता राज द्वारा किया गया। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, दिल्ली सहित नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से कवियों ने भाग लेकर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
कवियों ने वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा, प्रकृति का सौंदर्य, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत तथा बाबा गणिनाथ जी के जीवन एवं योगदान पर आधारित रचनाओं का भावपूर्ण पाठ किया। कई कविताओं में वर्तमान सामाजिक चुनौतियों, नैतिक मूल्यों के संरक्षण और युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का संदेश भी प्रमुखता से उभरकर सामने आया। कविताओं की विविधता और प्रस्तुति की प्रभावशीलता ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में एम. के. साहू (दरभंगा), गोपाल भारतीय (मेहसी), स्मिता गुप्ता (गाजियाबाद), सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता( नेपाल), रविंद्र कुमार (नेपाल), अनिरुद्ध मद्धेशिया(मुंबई), कुमुद साहा (हल्दिया),मुकेश कुमार मृदुल (महनार),विनय कुमार बौद्ध (असम), सुनील गुप्ता (प्रयागराज), अरुण किरण साहू (मुजफ्फरपुर), सविता राज (मुजफ्फरपुर), राजेश कुमार राघव (धनबाद), मौसम राजा (शिवहर) सहित अनेक कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। सभी कवियों ने अपनी विशिष्ट शैली और विषय-वस्तु से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।
कार्यक्रम के दौरान साहित्यकारों ने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और मानवीय संवेदनाओं को जागृत करने का सशक्त साधन है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है, जो विभिन्न क्षेत्रों और देशों के रचनाकारों को एक मंच पर लाकर संवाद और विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करते हैं।
समापन अवसर पर अध्यक्ष रविंद्र कुमार मद्धेशिया ने सभी प्रतिभागी कवियों, साहित्य प्रेमियों, श्रोताओं और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट समाज में साहित्यिक चेतना, सांस्कृतिक जागरूकता और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी कवियों को ट्रस्ट की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं श्रोता ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे साहित्यकारों के लिए एक उत्कृष्ट मंच बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

