पटना । बिहार में पांचवें चरण के चुनाव में मधुबनी सीट पर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की साख दाव पर है। यहां राजद सुप्रीमो के एमवाई समीकरण खास कर वाई की परीक्षा होनी है। अगर राजद का एमवाई अगर इनटैक्ट रहा तो भाजपा उम्मीदवार को परेशानी हो सकती है। आपको बता दें कि मधुबनी लोकसभा से भाजपा के सीटिंग सांसद अशोक यादव का मुकाबला राजद के अली अशरफ फातमी से है। वैसे तो अली अशरफ फातमी का क्षेत्र दरभंगा लोकसभा रहा था। ये वहां से कई बार सांसद रहे और यूपीए की केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। मधुबनी में 20 मई को वोट डाले जाएंगे।

मधुबनी लोकसभा क्षेत्र भाजपा के टिकट पर हुकुमदेव नारायण यादव ने अंतिम चुनाव साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान लड़ा और जीत भी दर्ज की। हुकुमदेव नारायण को तब 3,58,040 वोट मिले थे। उन्होंने आरजेडी उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्धीकी को हराया था। तब अब्दुल बारी सिद्धीकी को 3,37,505 वोट मिले थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हुकुमदेव यादव की सियासी विरासत भाजपा ने उनके बेटे अशोक यादव को सौंपी। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अशोक यादव ने जीत दर्ज की। बीजेपी उम्मीदवार अशोक कुमार यादव को 5,95,843 वोट मिले थे। तब उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के उम्मीदवार बद्री कुमार पूर्वे को हराया था। श्री पूर्वे को 1,40,903 मत प्राप्त हुए थे। बीजेपी ने इस सीट पर साढ़े 4 लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी।

मधुबनी लोकसभा में ब्राह्मणों (बी) का दबदबा है। इस सीट पर आधी फाइट को करीब-करीब ब्राह्मण मतदाता ही तय कर देते हैं। वैसे भाजपा के उम्मीदवार को ब्राह्मण के अलावा अतिपिछड़ा वोट का भरोसा है। कोयरी मत पर भाजपा और राजद दोनों का दावा है। भाजपा एक खास रणनीति के तहत यादव को टिकट देती है। एमवाई के वोट में सेंधमारी कर हुकुमदेव नारायण जीत का जलवा दिखाते रहे हैं। हुकुमदेव यादव मधुबनी से चार बार सांसद रहे हैं तो उसका बड़ा कारण यादव मतों में राजद से ज्यादा हिस्सेदारी लेना रहा है। साल 2014 से अतिपिछड़ा पर नरेंद्र मोदी का विशेष प्रभाव भी भाजपा को ओर मजबूत कर गया। 2019 में जब भाजपा की तरफ से अशोक यादव लड़े तो उन्हें अपने पिता हुकुमदेव नारायण यादव से 20 प्रतिशत ज्यादा मत मिले। इस बार भी मुकाबला काफी रोचक हो गया है।

विधानसभा में दलीय स्थिति : मधुबनी लोकसभा के अंतर्गत आने वाले विधानसभा सीटों पर दलीय स्थिति की बात करें तो मधुबनी में एनडीए मजबूत स्थिति में है। मधुबनी लोकसभा के अंदर 6 विधानसभा सीटें हैं, इसमें चार पर भाजपा, एक पर जदयू और एक पर राजद के विधायक काबिज हैं। सीधे शब्दों में 6 में से 5 विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। मधुबनी विधानसभा सीट से आरजेडी के समीर कुमार महासेठ, हरलाखी विधानसभा सीट से जदयू के सुधांशु शेखर ,बेनीपट्टी विधानसभा सीट से बीजेपी के विनोद नारायण झा ,बिस्फी विधानसभा सीट से बीजेपी के हरिभूषण ठाकुर बचौल, केवटी विधानसभा सीटे से बीजेपी के मुरारी मोहन झा, जाले विधानसभा सीट से बीजेपी के जीवेश कुमार विधायक हैं।

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