
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई), मुंबई अंडरवर्ल्ड और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहजाद भट्टी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े आठ आतंकियों को महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और नेपाल कनेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पाकिस्तान आॅर्डिनेंस फैक्टरी में बने चार हैंड ग्रेनेड, दो ग्लॉक पिस्टल, 24 जिंदा कारतूस, चोरी की बाइक और स्कूटी के अलावा पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से हुई बातचीत वाले मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।



दिल्ली पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मकसद दिल्ली, मुंबई, पंजाब, चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा संस्थानों और पुलिसकर्मियों पर ग्रेनेड हमला और फायरिंग करने की साजिश रच रहा था। आरोपितों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
विशेष पुलिस आयुक्त अनिल शुक्ला ने बताया कि स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान और दुबई में बैठे शाहजाद भट्टी नेटवर्क तथा आईएसआई से जुड़े हैंडलर भारत में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद एसीपी विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज मेहलावत की टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान सबसे पहले 14 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी विजय उर्फ शूटर (23) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक विजय लगातार पाकिस्तान और दुबई में बैठे शाहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था। उसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आतंकी एवं आपराधिक गतिविधियां संचालित करने का जिम्मा दिया गया था। साथ ही उसे दिल्ली-एनसीआर में हमलों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती करने का भी काम सौंपा गया था। इसके बाद 17 मई को उसके सहयोगी नीतीश पासवान (23) को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया।
मुंबई से पकड़े गए दो और संदिग्ध : विजय और नीतीश से पूछताछ तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 27 मई को मुंबई से दो अन्य आरोपितों- तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर यावर खान और अंडरवर्ल्ड सरगना मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में थे। इन्हें मुंबई के हुसैफा नामक व्यक्ति ने भर्ती किया था, जो फिलहाल फरार है। हुसैफा शाहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर काम कर रहा था। दोनों आरोपितों को दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा प्रतिष्ठानों, पुलिसकर्मियों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर ग्रेनेड हमले और गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था। मुंबई के आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि पंजाब से एक अन्य टीम दिल्ली पहुंचने वाली है। यह टीम भी उसी नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रही थी।

