अमृतसर। अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस ने रविवार देर रात मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार दिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गोली लगी थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई में एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने मीडिया को बताया कि पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक हमलावर मारा गया है, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।

आरोपी की पहचान अमृतसर के मुले चक के रहने वाले दीपक सिंह के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 18 सितंबर को एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के बाद से ही पूरा पुलिस महकमा इस मामले को सुलझाने में जुटा हुआ था। शनिवार दोपहर से ही शहर और आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर सघन नाकाबंदी की गई थी। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिले थे कि संदिग्ध इलाके में घूम रहे हैं और किसी अन्य टारगेट की तलाश में हैं। इसी दौरान जब पुलिस ने तरनतारन के थांदा रोड नाके पर एक स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस पार्टी पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, वारदात के बाद जब पुलिस टीम ने उनका पीछा किया, तो आरोपियों ने एक स्थान पर स्कूटी खड़ी करके पुलिस पर फिर से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमलावरों की ओर से चलाई गई चार गोलियों में से दो पुलिस की गाड़ी पर लगीं, जबकि एक गोली सीआईए (सीआईए) के जवान की छाती पर लगी। राहत की बात यह रही कि जवान ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उसकी जान बच गई।

पुलिस ने आत्मरक्षा में 6 राउंड जवाबी फायर किए, जिसमें एक हमलावर को गोली लगी। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक आधार कार्ड और जांच के अनुसार आरोपी की उम्र लगभग 25 से 28 वर्ष आंकी गई। अंधेरे का लाभ उठाकर भागे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version