
नई दिल्ली । बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति इतनी नफरत फैलती जा रही है कि बेवजह उनकी हत्या तक कर दी जा रही है। अब एक ऐसा मामला सामने आया जब एक हिंदू युवक की बिना वजह गोली मार कर हत्या कर दी गई। यह घटना उसी मेयमनसिंह जिले में हुई जहां कुछ दिनों पहले दीपू चंद्र दास की पीट-पीट कर हत्या के बाद उसके शव को जला दिया गया था।
मीडिया की खबरों में बताया गया है कि बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में बांग्लादेश के ग्रामीण अर्धसैनिक बल के सदस्य बृजेंद्र बिस्वास की हत्या उनके साथ ही काम करने वाले नोमान मियां ने कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 40 वर्षीय बजेंद्र सोमवार की शाम करीब साढ़े छह बजे सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री के अंदर नोमान मियां के साथ ड्यूटी पर था। इस फैक्ट्री में अंसार के और भी 20 सदस्य सुरक्षा में तैनात हैं। फैक्ट्री भालुका उपजिला के मेहराबारी इलाके में स्थित है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के संबंध में बताया कि जब बजेंद्र को गोली मारी गयी उस समय कोई विवाद का विषय नहीं चल रहा था। मामूली बातचीत हो रही थी। उसी समय नोमान ने बजेंद्र पर गन तानकार कहा कि वह उसे गोली मार देगा। और यह कहते हुए ही गोली चला दी। गोली उनकी बाईं जांघ पर लगी। घटना से वहां अफरातफरी मच गयी। जल्दी में बजेंद्र को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिक खून बहने की वजह से बजेंद्र की मौत हो गई। 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास सिलहट सदर उपजिला के कादिरपुर गांव के रहने वाला था, जबकि आरोपी नोमान मियां सुनामगंज जिले के ताहिरपुर थाना क्षेत्र का निवासी है।
घटना के संबंध में लबीब ग्रुप के प्रभारी अंसार मेंबर एपीसी मोहम्मद अजहर अली ने बताया कि नोमान और बजेंद्र उसके कमरे में साथ बैठे हुए थे। तभी अचानक नोमान ने अपनी शॉटगन बजेंद्र की जांघ पर तानी और चिल्लाकर कहा- गोली मार दूंगा। इसके तुरंत बाद उसने ट्रिगर दबा दिया और वहां से भाग निकला। बजेंद्र के साथियों का दावा है कि पहले से नोमान के साथ कोई झगड़ा या बहस नहीं हुई थी।
अपने साथी की गोली मारकर हत्या करने की यह घटना बताती है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों ने हिंदुओं के प्रति जो जहर फैलाया है, उसका कितना असर हो रहा है। आये दिन हिंदुओं की संपत्ति जलायी जा रही है और उनकी जान ली जा रही है जिससे हिंदुओं में डर और भय का माहौल
