
रांची। डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया के पिता अनिल चौरसिया की 14 वीं पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई गई। शाहपुर-गढ़वा रोड स्थित किन्नी गांव में अनिल चौरसिया की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शामिल हुए। इसके अलावा पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, विधायक आलोक चौरसिया, विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता, मेयर अरुणा शंकर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, कई समर्थकों ने दिवंगत अनिल चौरसिया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांंजलि दी। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों ने अनिल चौरसिया को याद करने के लिए समर्थकों और कार्यकतार्ओं की भारी भीड़ मौके पर जुटी रही।



उल्लेखनीय है कि अनिल चौरसिया ने 14 जून 2012 को चिलचिलाती धूप में गढवा के भंडरिया प्रखंड के बोडरी गांव में अंतिम जनसभा की थी। इसी क्रम में वे बीमार पड़े और 16 जून 2012 को अंतिम सांस ली। अनिल चौरसिया के निधन के 14 साल बीत गए। हर साल उनके पुत्र विधायक आलोक चौरसिया श्रद्धांजलि सभा करते हैं और उनके अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प लेते हैं।
वहीं मौके पर रघुवर दास ने कहा कि अनिल चौरसिया, गरीबों, दलितों और शोषितों की आवाज थे। वे अपने राजनीतिक जीवन में गरीबों और दलितों के हक के लिए हमेशा लड़ाई लड़ते रहे। भीषण गर्मी के बावजूद यहां जुटी भीड़ इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है। 16 जून 2012 दुखद दिन था, क्योंकि आज ही के दिन शोषित, दलित, पिछड़ों की आवाज जनमानस के नेता अनिल चौरसिया की मृत्यु हो गई थी।
विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि उनके पिता ने गरीबों पर जुल्म के खिलाफ संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई थी। उनकी संघर्ष को याद कर जनता ने उन्हें तीन बार विधायक बनाया है, लेकिन विधानसभा क्षेत्र में जनहित में कराए जा रहे विकास कार्यों से हताश और निराश नेता को यह हजम नहीं हो रहा कि गरीब का बेटा तीन बार विधायक कैसे बन गया।

