
रांची। रांची विश्वविद्यालय (आरयू) के कर्मचारियों ने कुलपति की अनुपस्थिति, संवेदनहीनता के विरोध में कलमबंद हड़ताल (पेन डाउन स्ट्राइक) की शुरुआत बुधवार को की। मौके पर रांची विश्वविद्यालय के कर्मचारी नेता अर्जुन राम ने कहा कि उनकी ओर से समस्या के समाधान के लिए बार-बार मांग की गई लेकिन कुलपति की ओर से ध्यान नहीं दिया गया। विश्वविद्यालय में लगातार उनकी अनुपस्थिति और झूठे आश्वासन के कारण कर्मचारियों को विवश होकर हड़ताल करना पडा। उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में पिछले 6 महिने से प्रभारी कुलपति डॉ धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने जब से प्रभार संभाला है वे विश्वविद्यालय में बिल्कुल समय नहीं दे रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय में काम-काज ठप हो गया है। अर्जुन राम ने कुलपति पर मनमाने तरीके से विश्वविद्यालय को चलाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकारी कुलपति की चमचागिरी में लगे हुए हैं उन्हें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति कोई संवेदना नहीं है।
अर्जुन राम ने कहा कि कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से, संवेदनशील होकर छात्रहित में दूर्गा पूजा और दीपावली की छुट्टी में भी दिन-रात एक करके डिग्री देने का काम किया, जबकि सारे अधिकारी घर में बैठे थे। कुलपति विश्वविद्यालय परिसर में केवल कार्यक्रम का उद्घाटन करने और फोटो खिंचवाने आते हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश से लाभान्वित वेतन निर्धारण से संबंधित पारित न्यायादेश को समान मामलों में कर्मचारियों को विश्वविद्यालय लाभ नहीं दे रहा है। यह कर्मचारियों का मानसिक शोषण है। उन्होंने कहा कि कुलपति की लगातार अनुपस्थिति के कारण कोई अधिकारी न तो समय पर विश्वविद्यालय आते हैं और न सही से कार्य नहीं कर रहे हैं। छात्रों का अत्यधिक दबाव अब कर्मचारियों पर पड़ने लगा है। यही वजह है कि आये दिन छात्र और छात्र संगठनों के साथ कर्मचारियों की कहासुनी हो रही है।
वहीं झारखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चंचल ने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी ओर समस्याओं का अंबार लगा है और कुलपति को कोई मतलब ही नहीं है। तृतीय और चतुर्थ वर्ग के रेग्युऔलर, डेली वेजेस और वोकेशनल सभी कर्मचारियों के साथ लगातार उनके काम से अधिक काम कराया जा रहा है, लेकिन जब पैसे देने की बारी आ रही है तो कुलपति फाइल आगे नहीं बढा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई विभागों में आठ माह से वेतन नहीं मिला है। इन कर्मचारियों को परिवार के पालन पोषण के लिए कर्ज लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति के जिम्मेदार वर्तमान कुलपति और पदाधिकारी हैं जो अपने कार्यों को सही से नहीं कर रहे हैं।
मौके पर आलोक ठाकुर, बिरेन्द्र वर्मा, पुष्कल कुमार, मो कैफ़ी, विजय वर्मा, संतोष, राणा, कर्मवीर उरांव, मंजय, मनोज महतो, धीरज महतो, विजय वर्मा, सुधीर कुमार, सुनील, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, क्षितिज सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।

