
खगड़िया। केन्द्रीय गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 1990 से 2005 तक 15 साल चलने वाली रालू-राबड़ी की राजद) सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि वर्तमान में बिहार विधानसभा का चुनाव विकास बनाम विनाश के बीच लड़ा जा रहा है । शाह ने खगड़िया में आयोजित एनडीए की चुनाव सभा को संबोधित करते हुये कहा कि राजद नेताओं के चुनावी बोल से लग रहा है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज करने । उन्होंने कहा कि 20 साल के नीतीश सरकार में बिहार में हत्या के मामले 20 प्रतिशत कम हुए हैं, वहीं डकैती के मामलों में 80 प्रतिशत की कमी आई है । उन्होंने कहा कि अपहरण के मामले भी 80 प्रतिशत कम हुये हैं तथा पिछले 20 वर्षों में कोई नरसंहार नहीं हुआ है ।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 20 साल के नीतीश सरकार में बिहार में हत्या के मामले 20 प्रतिशत कम हुए हैं, वहीं डकैती के मामलों में 80 प्रतिशत की कमी आई है । उन्होंने कहा कि अपहरण के मामले भी 80 प्रतिशत कम हुये हैं तथा पिछले 20 वर्षों में कोई नरसंहार नहीं हुआ है। लालू-राबड़ी शासन में लोग शाम के समय डर से घरों से नहीं निकलते थे, जबकि वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों में समय से पढ़ाई, अस्पताल में लोगों को समय से दवाई और खेतों में सिंचाई के साथ घर-घर नल के माध्यम से पानी की सप्लाई मिले। शाह ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार बिहार के विकास में लगे हुए हैं, वहीं लालू प्रसाद अपने बेटे को मुख्य मुख्यमंत्री और सोनिया अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी की सरकार घोटालों की सरकार थी, जिसमें चारा घोटाला, लैंड फॉर जॉब घोटाला, अलकतरा घोटाला, रेलवे के सरकारी होटल को बेचने का घोटाला, बाढ़ महा घोटाला, एबी एक्सपोर्ट घोटाला और आय से अधिक संपत्ति का घोटाला जैसे ना जाने कितने घोटाले हुए जबकि दूसरी तरफ केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार की छवि बेदाग है।
विपक्ष महागठबंधन नहीं बल्कि लठ्ठबंधन : शाह ने कहा कि विपक्ष महागठबंधन नहीं बल्कि लठ्ठबंधन है और उसके घटक दल सत्ता की लड़ाई में मशगूल हैं। उन्हें बिहार की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में तरह-तरह की योजनाओं के तहत प्रदेश को विकास की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है । महिला सशक्तिकरण के लिए अभी हाल ही में एक करोड़ 21 लाख महिलाओं को दस हजार रुपए की राशि रोजगार शुरू करने के लिए दी गई है । सभी बिजली के उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली फ्री दी जा रही है, महिलाओं को नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जो उनके सशक्तीकरण की तरफ एक प्रयास है।
