
वॉशिंगटन। ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच अमेरिका ने अपना सबसे ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को ईरान की ओर मोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला ईरानी एयरस्पेस के बंद होने के ठीक एक घंटे बाद लिया गया। अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने कहा है कि वह दक्षिण चीन सागर में तैनात एक अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के क्षेत्र में पुन: तैनात कर रहा है, जिसमें पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) भी शामिल है। सेंटकॉम का जिम्मेदारी क्षेत्र 40 लाख वर्ग मील से अधिक में फैला है, जिसमें उत्तर-पूर्वी अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के हिस्से शामिल हैं। इस क्षेत्र में मिस्र, इराक, अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान सहित 21 देश आते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। समाचार नेटवर्क न्यूज नेशन ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। इस विमानवाहक पोत को क्षेत्र में पहुंचने में करीब एक सप्ताह लग सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक यूएसएस अब्राहम लिंकन इस क्षेत्र की ओर रवाना होने वाला विमानवाहक पोत है। हालांकि अधिकारियों ने इस पुन: तैनाती के विशेष उद्देश्यों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य तत्परता को रेखांकित करता है। अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे पर तैनात कुछ कर्मियों को एहतियाती कदम के तौर पर वहां से निकल जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह निर्देश कतर के अल उदीद एयर बेस में तैनात कुछ कर्मचारियों पर लागू होता है और यह किसी तात्कालिक खतरे के बजाय सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। इसी दौरान, सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की ताकत 1 लाख टन से ज्यादा वजन है अब्राहम लिंकन का। 8 हजार सैनिक सैनिक और चालक दल के सदस्य होते हैं इस पर। – 1 से 2 न्यूक्लियर अटैक सबमरीन वर्जीनिया या लॉस एंजेलिस क्लास की। 65-70 विमान यूएसएस अब्राहम लिंकन पर होते हैं। – यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 है, जिसका मुख्य जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन है। यह न्यूक्लियर पावर से चलता है, जिससे यह बिना ईंधन भरे लंबे समय तक समुद्र में रह सकता है।
