
बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को बीजिंग में बहुप्रतीक्षित वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने आपसी हित के द्विपक्षीय मुद्दों के साथ पश्चिम एशिया, यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप समेत कई अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं। जिनपिंग ने वैश्विक स्थिरता के लिए दोनों देशों के रिश्ते को महत्वपूर्ण बताया।
चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल आॅफ द पीपल में करीब दो 2 घंटे तक चली इस वार्ता के दौरान जिनपिंग ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है और अमेरिका-चीन रिश्ते वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम हैं। दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक दूसरे का सहयोगी बनना चाहिए। बार-बार साबित हुआ है कि ट्रेड वॉर में कोई विजेता नहीं होता।
जिनपिंग ने कहा कि वह ट्रंप के साथ मिलकर चीन-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देना चाहते हैं ताकि वर्ष 2026 दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हो। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध की नई अवधारणा पर सहमति जताई है। उनके अनुसार यह संबंध सहयोग, संतुलित प्रतिस्पर्धा, मतभेदों के प्रबंधन और शांति की प्रतिबद्धता पर आधारित होना चाहिए।
ट्रंप ने चीन की अपनी राजकीय यात्रा को सम्मान की बात बताते हुए जिनपिंग को महान नेता और चीन को महान देश बताया। ट्रंप ने कहा कि वह जिनपिंग के साथ संवाद और सहयोग को मजबूत करने, मतभेदों को सही तरीके से संभालने और द्विपक्षीय संबंधों को पहले से बेहतर बनाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी नेताओं को अपने साथ लेकर चीन आए हैं। वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर कहा कि चीन और अमेरिका के व्यापारिक संबंध पारस्परिक लाभ और जीत की भावना पर आधारित हैं। मतभेदों और विवादों के समाधान के लिए समानता के आधार पर बातचीत ही सही रास्ता है।
जिनपिंग ने खुलासा किया कि बुधवार को हुई ताजा व्यापार वार्ता में दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमों ने संतुलित और सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर बताया। ताइवान मुद्दे पर जिनपिंग ने कहा कि यह चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। उन्होंने अमेरिका से इस मुद्दे को अत्यधिक सावधानी से संभालने का आग्रह किया।
