
पटना। राज्य में मरीजों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब सभी सरकारी एंबुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी एंबुलेंस में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाया जाएगा, जिससे उनके परिचालन और वास्तविक लोकेशन की चौबीसों घंटे निगरानी की जा सकेगी।



स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी जैसी आपात स्थितियों में अक्सर मरीजों को समय पर एंबुलेंस न मिलने की शिकायतें आती हैं। जीपीएस लगने के बाद एक केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से सभी वाहनों पर नजर रखी जाएगी। जैसे ही किसी मरीज को आपातकालीन सहायता की आवश्यकता होगी।
कंट्रोल रूम तुरंत मरीज के सबसे नजदीकी स्थान पर विद्यमान एंबुलेंस की पहचान कर उसे रवाना करेगा। इससे एंबुलेंस के पहुंचने में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
विभाग भविष्य में सरकारी एंबुलेंस के साथ प्राइवेट एंबुलेंस को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। सभी प्राइवेट एंबुलेंस की मैपिंग की जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा उनके लिए एक निर्धारित दर (फिक्स रेट) तय की जाएगी, ताकि मरीजों से मनमाना किराया न वसूला जा सके। इससे मरीजों का आर्थिक दोहन बंद होगा।
इस जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली के लागू होने से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों के मरीजों और उनके स्वजनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

