
रांची। ओरमांझी स्थित तरंगिनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड’ बाटलिंग प्लांट में जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग द्वारा सील किए गए इस प्लांट से सील ताला तोड़कर सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य गायब कर दिए गए हैं। इसका खुलासा सोमवार को मजिस्ट्रेट जफर हुसैन के नेतृत्व में जांच टीम प्लांट का सील खोलने और भीतर मौजूद स्टॉक का मिलान करने पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील खोलने पहुंची जांच टीम ने देखा कि प्लांट का सील ताला पहले से ही टूटा हुआ था। इसके अतिरिक्त, परिसर के पीछे की दीवार भी क्षतिग्रस्त पाई गई। प्लांट के भीतर से अवैध शराब, स्प्रिट तथा सेल फॉर यूपी और सेल फॉर दिल्ली के फर्जी लेबल पूरी तरह गायब थे। यह बाटलिंग प्लांट बिहार के पूर्व एमएलसी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी सुबोध राय का है।



छापेमारी में जब्त हुई थी भारी मात्रा में अवैध शराब : इस प्लांट में मशहूर शराब कंपनी ‘रेडिको खेतान’ की शराब की बाटलिंग की जाती थी। गत 30 जून की रात उत्पाद विभाग की छापेमारी के दौरान इस प्लांट से भारी मात्रा में अवैध बीयर और व्हिस्की बरामद की गई थी। प्लांट को केवल सेल फॉर झारखंड का लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन यहाँ से अन्य राज्यों में आपूर्ति की तैयारी चल रही थी।
जब्ती के बाद ओरमांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी तथा सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय को गिरफ्तार कर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेजा गया था। प्लांट की सुरक्षा और निगरानी की सीधी जिम्मेदारी दारोगा रूपेश कुमार (बांड अफसर) और तीन उत्पाद सिपाहियों के अधीन थी। कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद सील टूटने और साक्ष्य गायब होने से पूरी प्रक्रिया संदिग्ध हो गई है। पुलिस अब सामान चोरी की एक और प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के समय को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 30 जून को प्लांट सील होने के बाद उत्पाद विभाग ने जांच व स्टॉक मिलान के लिए मजिस्ट्रेट की मांग को लेकर दो बार पत्राचार किया था।
हालांकि, मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में देरी हुई। इसी बीच, 7 अगस्त को पूर्व एमएलसी सुबोध राय को जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गए।
सुबोध राय के बाहर आते ही 17 अगस्त को मजिस्ट्रेट जफर हुसैन को जांच के लिए भेजा गया, लेकिन तब तक सभी साक्ष्य गायब हो चुके थे। मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट जफर हुसैन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

