नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से 14 लोगों को हिरासत में लेकर अलकायदा के एक आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का गुुरुवार को दावा किया। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद राज्यों के पुलिस बलों के साथ मिलकर एक अभियान चलाया गया।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि मॉड्यूल का नेतृत्व रांची (झारखंड) का डॉ. इश्तियाक नामक व्यक्ति कर रहा था तथा उसकी देश के भीतर खिलाफत की घोषणा करने और गंभीर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की मंशा थी। आतंकवादी मॉड्यूल के सदस्यों को हथियार चलाने सहित विभिन्न स्थानों पर कई तरह का प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें बताया गया कि राजस्थान के भिवाड़ी से छह लोगों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेते समय हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए झारखंड एवं उत्तर प्रदेश से आठ लोगों को हिरासत में लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा और भी लोगों को हिरासत में लिए जाने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की जा रही है ताकि हथियार, गोला-बारूद और दस्तावेज बरामद किए जा सकें।

झारखंड एटीएस ने हजारीबाग, लोहरदगा सहित कई अन्य जिलों में एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एटीएस आतंकी संगठन अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट (एक्यूआईएस) से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक एके-47 सहित कुछ अन्य हथियारों की बरामदगी की भी सूचना है। झारखंड एटीएस ने आधिकारिक तौर पर इन गिरफ्तारियों के बारे में खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के पास से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

इन दस्तावेजों और उपकरणों की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये लोग अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट का विस्तार कर इससे युवाओं को जोड़ने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने, भारत में शरिया कानून स्थापित करने और बांग्लादेश के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे विषयों पर काम कर रह थे।
एक्यूआईएस अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, बर्मा और बांग्लादेश में सक्रिय है। यह पहली बार नहीं है, जब झारखंड में आतंकी संगठनों से जुड़े लोग पकड़े गए हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीते साल अक्टूबर में आईएसआईएस के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो शाहनवाज आलम और रिजवान अशरफ झारखंड के रहने वाले हैं। इनमें से एक शाहनवाज आलम एनआईए का मोस्ट वांटेड था और उस पर तीन लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह हजारीबाग शहर के पगमिल-पेलावल का रहने वाला है। एनआईए और एटीएस की जांच में पहले भी यह बात सामने आई है कि झारखंड के रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, पाकुड़, गढ़वा और गिरिडीह जिले में आतंकियों के स्लीपर सेल सक्रिय हैं।

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