
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक पारा भी गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के मुखिया और इंडिया गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव भी बिहार पहुंच गए। सपा मुखिया ने अबकी बार, बीजेपी बिहार से बाहर का नारा देते हुए कहा कि हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में आपकी जिम्मेदारी है, भारतीय जनता पार्टी को हराने की। वहीं अखिलेश यादव के बिहार दौरे को लेकर बीजेपी ने करारा हमला बोल दिया है। बीजेपी ने कहा कि बिहार में सपा के पास 100-50 जमीनी कार्यकर्ता भी नहीं है। ऐसे में अखिलेश यादव का राहुल और तेजस्वी को समर्थन देने के लिए बिहार जाना बहुत ही हास्यास्पद है।
दरअसल, सपा मुखिया अखिलेश यादव शनिवार को इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए है। इस दौरान अखिलेश ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जिस तरह काम करती है, यह लोगों का इस्तेमाल करती है। यह इस्तेमाल करेगी फिर उसके बाद लोगों को बर्बाद कर देगी। चुनाव आयोग बीजेपी से मिलकर काम कर रहा है। बीजेपी ने इसको जुगाड़ आयोग बना दिया है। बिहार की जनता ने देखा है कि जहां युवा पलायन करते थे, उन्हें तेजस्वी ने नौकरी रोजगार देने का काम किया था।
अखिलेश यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार बीजेपी का पलायन होने जा रहा है। साथ ही कहा कि एक बार पहले भी इसी बिहार ने बीजेपी का रथ रोका था, इस बार भी बिहार की जनता उनका रथ रोकने का काम करेगी। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता आनंद दुबे ने अखिलेश यादव के बिहार में वोट अधिकार यात्रा में शामिल होने पर गंभीर सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा कि एक पुरानी कहावत है कि घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने। अखिलेश यादव भी एक कुछ ऐसा ही कर रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव बिहार में तेजस्वी यादव और राहुल गांधी का समर्थन करने गए हैं, जबकि हकीकत यह है कि समाजवादी पार्टी का बिहार में कुछ नहीं है। आनंद दुबे ने कहा कि 2017 के बाद से समाजवादी पार्टी बिहार में अपना प्रदेश अध्यक्ष तक नहीं बना पाई है और न ही वहां पर कोई प्रभारी है। न आधिकारिक रूप से बिहार में पार्टी के पास कोई महासचिव है, न उपाध्यक्ष है और न ही कोई प्रवक्ता है। उन्होंने कहा कि यहां तक की बिहार में कोई संगठनात्मक बैठक भी नहीं होती है। जमीन पर पार्टी के पास 100-50 कार्यकर्ता तक नहीं है। ऐसे में बिहार जाकर राहुल-तेजस्वी को समर्थन देना बहुत ही हास्यास्पद है।
