नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाया है। भारत सरकार ने पाकिस्तान में उत्पन्न होने वाली या वहां से निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध उन वस्तुओं पर भी लागू होगा जो स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हैं या अन्यथा अनुमत हैं, साथ ही तीसरे देशों के माध्यम से होने वाले पारगमन पर भी रोक लगाई गई है।

पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात पर बैन लगने से पाकिस्तान और कंगाल हो जाएगा। पहले से ही दोनों देशों के बीच सीमित व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह ठप हो सकते हैं। पाकिस्तान से भारत को होने वाले आयात में मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, मसाले, और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल थे, जो अब पूरी तरह बंद हो जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा, खासकर खाद्य पदार्थों की कमी और बढ़ती महंगाई के रूप में। भारत ने पहले ही 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को सीमित कर दिया था, और अब यह प्रतिबंध उस दिशा में एक और कड़ा कदम है।

भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक वह अपने कड़े रुख को जारी रखेगा। इस बीच, भारतीय सेना को आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए खुली छूट दी गई है, और सुरक्षा बलों ने कश्मीर घाटी में अपनी कार्रवाइयों को और तेज कर दिया है। पहलगाम हमले के बाद भारत के इस ताजा कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तनाव युद्ध के मुहाने तक पहुंचेगा या कूटनीतिक प्रयासों से इसे थामा जा सकेगा।

पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, हालांकि बाद में उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और इसके जवाब में कई कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल समझौता निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा बंद करना, और पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना शामिल है।

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