वॉशिंगटन । ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हवाई हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित किया है। इसके पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा करते हुए बताया था कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हमला किया है। वॉइट हाउस के क्रॉस हॉल से अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिका के हवाई हमलों को शानदार सैन्य सफलता बताया। इस दौरान उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी थे।

हमलों के बाद अपनी पहली टिप्पणी में ट्रंप ने कहा, ‘आज रात, मैं दुनिया को बता सकता हूं कि हमले एक शानदार सैन्य सफलता थी। ईरान की प्रमुख परमाणु संवर्धन सुविधाएँ पूरी तरह से नष्ट कर दी गई हैं।’ इस दौरान ट्रंप ने ईरान को धमकी दी कि अगर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की तो और बड़े हमले होंगे। उन्होंने कहा, ‘मध्य पूर्व को धमकाने वाले ईरान को अब शांति स्थापित करनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो भविष्य में हमले कहीं अधिक बड़े और आसान होंगे।’

अब और नहीं होने दूंगा : ट्रंप ने आगे कहा, 40 वर्षों से ईरान डेथ टू इजरायल, डेथ टू अमेरिका कहता आ रहा है। वे हमारे लोगों को मार रहे हैं, उनके हाथ उड़ा रहे हैं, सड़क किनारे बमों से उनके पैर उड़ा रहे हैं… उनके जनरल कासिम सुलेमानी ने बहुत से लोगों को मार डाला। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। यह जारी नहीं रहेगा।’

हमले के बाद संबोधन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति आभार व्यक्त किया है। ट्रंप ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्याहू को धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं। हमने एक टीम के रूप में काम किया, जैसा कि शायद पहले किसी टीम ने नहीं किया। हम इजरायल के लिए इस भयानक खतरे को मिटाने में बहुत आगे बढ़ गए हैं।’

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