
पटना। बिहार सरकार स्टेट हाईवे के उन पुलों पर ही टोल टैक्स की वसूली करेगी, जो 250 मीटर से अधिक लंबे हैं। पथ निर्माण विभाग के अधीन ऐसे पुलों की संख्या 94 है। विभाग इन पुलों का सर्वे करा रहा है, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि इनमें किन-किन पुलों पर टोल टैक्स लिया जाएगा। नियम के मुताबिक पुलों की लंबाई के आधार पर टोल टैक्स की राशि तय की जाएगी। सर्वे के दौरान पुल के साथ-साथ उसके एप्रोच रोड की लंबाई भी मापी जाएगी। सम्राट चौधरी कैबिनेट ने एक जुलाई की बैठक में राज्य की सड़कों और पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली को मंजूरी दी थी।
इसके तहत राष्ट्रीय उच्चपथ की तर्ज पर राज्य के स्वामित्व वाली सड़कों और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। छोटे वाहनों के लिए टोल की दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हर एक पुल का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कितने वाहन इन पुलों पर से रोज गुजरते हैं। इनमें कितने शहर में हैं।
नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से इन पुलों की दूरी कितनी है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा, किन-किन पुलों पर से टोल टैक्स लेना है। टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जाएगी। 250 मीटर से ज्यादा लंबाई वाले पुलों की संख्या गया और पटना जिले में ज्यादा हैं। पटना के आसपास ही दो बड़े पुल कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर पुल है। राज्य सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाली एजेंसी को यह जिम्मेवारी मिलेगी। इसके लिए स्टेट हाईवे और बड़े पुलों की नीलामी होगी। अधिक दबाव वाली सड़क और पुलों का चयन टोल के लिए किया जाएगा।
इन पुलों पर चुकाना होगा टोल
कच्चीदरगाह-बिदुपुर पुल
बख्तियारपुर-ताजपुर पुल
दरभंगा-करेह नदी पुल
नवगछिया- कोसी नदी पुल
फुलतौरा घाट-खगड़िया
गया-फल्गु नदी पुल
नालंदा-सकरी नदी पुल
आरा-छपरा गंगा नदी पुल
सहरसा में बलुआहा घाट पुल
गोपालगंज और बेतिया पुल

