
रांची । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को राजधानी रांची में आयोजित झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की विस्तृत बैठक को संबोधित किया। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि पार्टी का स्पष्ट संकल्प है कि पंचायत से लेकर संसद (पार्लियामेंट) तक भगवा लहराए। पश्चिम बंगाल की विषम परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से बंगाल में भाजपा ने मजबूती दर्ज की है और अब पश्चिम बंगाल के बाद मिशन झारखंड की बारी है। भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारा यह सौभाग्य है कि हमें ऐसा सशक्त नेतृत्व मिला है जिसने न केवल भाजपा और भारत को, बल्कि पूरे विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है। देश के 140 करोड़ नागरिक अपनी आशाएं, आकांक्षाएं और अटूट विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में देखते हैं। हालांकि, कुछ शक्तियां देश के अंदर से और कुछ विदेशी सरजमीं से भारत की प्रगति और विकास की तेज रफ्तार को रोकने की लगातार साजिशें रच रही हैं, लेकिन देश की जनता प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़ी है।कांग्रेस और विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए नितिन नवीन ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज जो लोग संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें इतिहास याद रखना चाहिए कि अगर किसी ने देश के संविधान के पन्नों को तार-तार किया है, तो वह केवल कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हैं। देश ने आपातकाल और राज्यों में अनुचित तरीके से राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे फैसलों को देखा है। कांग्रेस ने देश को संविधान के हिसाब से नहीं, बल्कि अपने एक परिवार के नियमों से चलाया है।नितिन नवीन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देशविरोधी ताकतों व विदेशी शक्तियों के ‘टूलकिट’ के रूप में काम कर रहे हैं। बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा था, तब धांधली का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं ने किसी भी जिले में दावे या आपत्तियां दर्ज कराने की जहमत तक नहीं उठाई। नितिन नवीन ने अपने भावुक संबोधन में यह भी कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि जिस झारखंड में उनका लंबा समय बीता और जो उनका जन्मस्थान रहा, वहां फिलहाल भाजपा की सरकार नहीं है। लेकिन पार्टी के संघर्षशील कार्यकतार्ओं के बल पर अब झारखंड में अत्याचारी व्यवस्था का अंत कर भाजपा की लोककल्याणकारी सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता सड़कों पर उतर चुके हैं।




