नई दिल्ली। अहमदाबाद में पिछले हफ्ते एयर इंडिया का विमान हादसे में 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई थी। सिर्फ विश्वासकुमार रमेश के एक यात्री बच थे। विश्वासकुमार इस हवाई जहाज में सीट नंबर 11A पर बैठे थे। यह सीट इमरजेंसी एग्जिट के पास थी। इसके बाद इस सीट की डिमांड बढ़ गई है। हवाई जहाज के यात्रा करने वाले यात्री न केवल 11A सीट की डिमांड कर रहे हैं, बल्कि काफी ऐसे भी हैं जो इमरजेंसी एग्जिट के पास सीट चाहते हैं।

दरअसल, सभी एयरलाइंस में इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटों पर पैर फैलाने के लिए ज्यादा जगह होती है। इसलिए ये महंगी होती हैं। हालांकि विमान के प्रकार और क्लास के हिसाब से इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटों के नंबर अलग-अलग होते हैं। वहीं एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटें प्लेन क्रैश होने पर ज्यादा सुरक्षा नहीं देती हैं। उनसे सिर्फ पैर फैलाने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। लेकिन अब कई लोगों को इन सीटों से मानसिक शांति मिल रही है।

पहले कई यात्री इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटों को नहीं लेते थे। क्योंकि उनमें से कुछ सीटें ज्यादा पीछे नहीं झुकती थीं। इसके अलावा, कुछ लोग इमरजेंसी में एग्जिट डोर खोलने के बारे में जानकारी नहीं लेना चाहते थे। लेकिन अहमदाबाद हादसे के बाद यह ट्रेंड बदला हुआ नजर आ रहा है।

कोलकाता के ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि अनुभवी यात्री और लंबे लोग अक्सर इन सीटों को चुनते थे। वे पैर फैलाने के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार रहते थे। लेकिन अब दूसरे लोग भी इन सीटों के बारे में पूछ रहे हैं। जितेंद्र सिंह बग्गा एक डिस्ट्रीब्यूशन और लॉजिस्टिक्स का बिजनेस चलाते हैं। उन्होंने अपने ट्रैवल एजेंट से कहा है कि जब वे अगले हफ्ते दिल्ली के रास्ते अमेरिका जाएं तो उनके लिए इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली ही सीट बुक करें। बग्गा ने कहा, ‘यह इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीट होनी चाहिए। मैं इसके लिए कोई भी एक्स्ट्रा पैसा देने को तैयार हूं। अगर ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में 17 जून को सीट 11A इमरजेंसी डोर के पास है, तो मैं उसी पर बैठना चाहता हूं।’

ली रोड के रहने वाले राजेश भगनानी अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं। उन्होंने भी अपने ट्रैवल एजेंट से कहा है कि 16 जून को मुंबई की यात्रा के लिए इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीट बुक करें। उन्होंने कहा, ‘विश्वासकुमार के बचने के बाद मैं इमरजेंसी एग्जिट के पास बैठना चाहता हूं। क्योंकि वहां बचने की संभावना ज्यादा होगी। मैं जानता हूं कि जीवन और मृत्यु भाग्य का मामला है। लेकिन मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करना चाहता हूं। अगर इमरजेंसी एग्जिट के पास सीट नंबर 11A है, तो उससे बेहतर कुछ नहीं है।’

ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेशनल कमेटी मेंबर अनिल पंजाबी ने इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटों के बारे में पूछताछ बढ़ने की बात को सही बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो 11A सीट भी चाहते हैं, भले ही वह एग्जिट के पास न हो। उनका कहना है कि लोगों में अब इस सीट को लेकर क्रेज बढ़ गया है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्वी क्षेत्र के चेयरमैन अंजनी धानुका ने कहा कि उन्हें ऐसे यात्रियों से इन्क्वारी मिल रही है जो इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीटों के साथ-साथ 11A सीट भी ढूंढ रहे हैं।

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