भुज। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में कहा कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है और अगले दो वर्षों में देश का सीमावर्ती क्षेत्र दुश्मनों की बुरी नजर से हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा ढांचे और बीएसएफ जवानों के पराक्रम के बल पर भारत की सीमाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अपनी स्थापना के 60वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा की अवधारणा को नए सिरे से विकसित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा और केवल सीमा सुरक्षा की जगह टेरिटोरियल सिक्योरिटी यानी क्षेत्रीय सुरक्षा का नया मॉडल लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था में बीएसएफ के साथ-साथ स्थानीय नागरिक, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सेना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत और व्यापक बनेगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने का यह प्रयास देश की सुरक्षा को नई दिशा देगा।

गृह मंत्री ने कहा कि सरक्रीक और भुज क्षेत्र में बीएसएफ के जवान चट्टान की तरह सीमा की रक्षा कर रहे हैं। उनके साहस, समर्पण और सतर्कता के कारण इस क्षेत्र के लोग सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शाह ने कहा कि सरकार ने सीमा सुरक्षा के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी है। आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे सीमा सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में वॉच टावरों का निर्माण किया गया है और कई बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) को ग्राउंड लेवल से ऊपर उठाकर अधिक सुरक्षित बनाया गया है। इन प्रयासों से जवानों की कार्यक्षमता बढ़ी है और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई है।

स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च कर सीमा सुरक्षा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बना रही है। ड्रोन, रडार, अत्याधुनिक सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली और आधुनिक संचार नेटवर्क के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दी जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन तकनीकों और जवानों की तैनाती से ऐसा मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार होगा, जिसके बाद कोई भी घुसपैठिया भारतीय सीमा को भेदने की हिम्मत नहीं कर सकेगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version