
रामगढ़। शहर के सतकौड़ी कॉम्प्लेक्स में एसेंट कोचिंग सेंटर चलने वाले निर्मल सिन्हा और उनकी पत्नी शालू सिन्हा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। रामगढ़ थाने में अरुण कुमार गोयल के बयान पर दर्ज की गई प्राथमिकी में जितेंद्र सिंह पवार, उनकी पत्नी हरप्रीत कौर, राजेश अग्रवाल, उनकी पत्नी उपासना अग्रवाल एवं संजय यादव पर भी पैसे का बंदरबांट करने, झूठा केस कर चरित्र हनन करने, फर्जी हस्ताक्षर कर नकली दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया है।



प्राथमिकी संख्या 113/ 26 में कोर्ट और पुलिस को गुमराह करके फर्जी दस्तावेज बनाने एवं नकली हस्ताक्षर कर पैसा गबन करने की बात कही गई है। साथ ही शालू सिन्हा की ओर से चरित्र हनन करने के लिए छेड़खानी का झूठा मुकदमा दर्ज करने की बात भी कही गई है। अरुण कुमार गोयल ने पुलिस को बताया कि पंचवटी अपार्टमेंट में वे निर्मल सिन्हा और शालू सिन्हा के पड़ोसी हैं। पहले भुरकुंडा के पटेल नगर में उनके पड़ोसी थे। पंचवटी अपार्टमेंट में फ्लैट लेने के बाद उन लोगों ने कर्ज के तौर पर उनसे 30 लाख लिए। उन लोगों ने यह भी तय किया कि बैंक का ब्याज वे उन्हें देंगे और सहूलियत के अनुसार मूलधन लौटाएंगे।
15 अक्टूबर 2015 से लेकर 30 मार्च 2017 के बीच उन्होंने निर्मल सिंह को 30 लाख रुपये दोस्ताना कर्ज के रूप में दिया। इसका पूरा बैंक का ब्याज 55,500 प्रति महीना देना था। सितंबर 2017 से मई 2019 तक वे लोग उन्हें लगातार 55,500 रुपये एचडीएफसी एवं पंजाब नेशनल बैंक और कभी-कभी विजया बैंक का चेक से भुगतान किया। मई 2019 में 89 लाख उनके खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद उन्होंने पैसा देना बंद कर दिया।
निर्मल सिन्हा ने अपनी पत्नी शालू सिन्हा से उन पर छेड़खानी का झूठा मुकदमा दर्ज कराया और उनके चरित्र हनन का प्रयास किया। बाद में उनसे पैसा नहीं मांगने का शर्त रखा। अरुण कुमार गोयल ने उनकी बात नहीं मानी और उन्होंने अपना बकाया पैसा मांगना शुरू किया। इस दौरान निर्मल सिन्हा और उनकी पत्नी शालू सिन्हा और उनके कुछ साथियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार किया और पूरा पैसा हड़प लिया। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि वह उनके हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

