
जमशेदपुर : झामुमो प्रत्याशी समीर मोहंती के समर्थन में प्रचार करने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जमशेदुपर पहुंचे। यहां जनसभा में उन्होंने कहा कि आज मैं यहां हेमंत सोरेन के समर्थन में आया हूं। आज से 35 साल पहले जमशेदपुर में टाटा स्टील में नौकरी करता था। 1989 से 1992 तक नौकरी की। साकची में रहता था। मेरा नाता है लेकिन मोदीजी वाला नहीं। मैं जेल से सीधा आपके बीच आया हूं।



सुप्रीम कोर्ट ने मुझे मोहलत दी कि चुनाव प्रचार करो। पीएम ने पूरी ताकत लगाई की बेल ना मिले लेकिन हनुमान जी के आशीर्वाद से बेल मिली। आज भाई हेमंत सोरेन जेल में हैं। झारखंड का बच्चा बच्चा हेमंत सोरेन से प्यार करता है।
इस वक्त आपके दिल पर क्या गुजर रही होगी की आपका अपना भाई जेल में है। उनको राजनीतिक षड्यंत्र के तहत जेल में डाल दिया। कल्पना झांसी की रानी बनकर मोदीजी को चुनौती दे रही हैं। बीजेपी ने सोचा की केजरीवाल को जेल में डाल दो।
हेमंत को गिरफ्तार करो। सरकार गिरा दो। सब उल्टा हो गया। भगवान सब देख रहा है। दिल्ली में पार्टी बिखरी नहीं बल्कि सब एक हो गए हैं। संसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी सब एक हो गए हैं। ऐसे ही झारखंड में हुआ। पूरे झारखंड में ऊर्जा है। पिछली बार 2 सीट आई थी लेकिन इस बार 14 सीट जीतेंगे।
दिल्ली के 2.5 करोड़ लोग हेमंत सोरेन की आभारी है। ऑक्सीजन की कमी थी। मैने हेमंत की कॉल किया तो तुरंत ऑक्सीजन मिली। दिल्ली की तरफ से लोग कहते हैं। वी ऑल लव यू। उन्होंने हेमंत सोरेन को जेल में डाला। जेल में तब जाता है जब कोर्ट जेल भेजती है। दोषी मानती है। हेमंत सोरेन के खिलाफ ऐसा कोई आदेश नहीं है।
फिर भी जेल में डाल दिया। मोदीजी ये गुंडागर्दी है। मुझे किसी ने दोषी नहीं कहा लेकिन जेल में डाल दिया। हेमंत सोरेन आदिवासी समाज के सबसे बड़े नेता हैं। गुजरात, एमपी और छत्तीसगढ़ में मानते हैं। पूरे देश में हेमंत सोरेन आदिवासी समाज के नेता हैं। एकमात्र आदिवासी मुख्यमंत्री हैं। गुरुजी झारखंड बनाने को जेल गए। लाठी खाई।
ये नहीं देखने के लिए कि झारखंड में उनके बेटे को जेल में डाल दिए। गुरुजी की तबियत खराब है लेकिन मोदी में इतनी दया नहीं कि बीमार पिता को बेटे का सहारा मिल सके। आदिवासी समाज में गुस्सा है। आपने चूड़ियां तो नहीं पहनी।
मोदीजी ने आदिवासी समाज को चुनौती दी। बटन दबाओ तो आवाज मोदीजी के कानों में गुंजनी चाहिए। राम मंदिर बना। हमें खुशी हुई। उसका उद्घाटन किसे करना था। राष्ट्रपति को करना था। पीएम गए उसमें आपत्ति नहीं है। राष्ट्रपति आदिवासी हैं इसलिए उनको नहीं बुलाया। आदिवासी की अपमान किया।
हेमंत सोरेन जेल में रहेंगे या बाहर रहेंगे ये आप पर निर्भर हैं। इंडिया को वोट दिया तो हेमंत सोरेन बाहर आएंगे। सबको कहना कि कमल का बटन नहीं दबाना। ऐसा करके आप आदिवासी समाज को धोखा देंगे। 5 जून को हेमंत सोरेन आपके बीच में होंगे। उन्हें इतना घमंड है कि तानाशाही करते हैं। नारा लगाते हैं कि जो राम को लाए हैं हम उनको लाए हैं। आप कैसे उन्हें ला सकते हैं। उनका अहंकार चूर करना होगा।

