
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से विपक्ष को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे अयोध्या आएं, लेकिन माफी मांगकर आएं। योगी का यह बयान तब सामने आया, जब अखिलेश यादव ने अयोध्या आने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब अयोध्या कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी। यहां कोई दंगा-फसाद करने का साहस नहीं कर पाएगा। अयोध्या को अब कोई उपेक्षित नहीं कर सकेगा और न ही यहां के संतों का अपमान करने या रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस कर पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के मंच से वह इसी नए अयोध्या की तस्वीर और संदेश को दुनिया के सामने रखने के लिए उपस्थित हुए हैं। उन्होंने दीपोत्सव की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक लाख 71 हजार दीपों से शुरू हुआ यह आयोजन आज 30 लाख की सीमा पार कर चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से अयोध्या और पूरे उत्तर प्रदेश पर अपनी कृपा बनाए रखने की कामना की। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रभु के नाम का स्मरण और जप करते हुए रामराज्य की अवधारणा को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।



गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 दिसंबर को फिर अयोध्या आ रहे हैं। इस बार वह हनुमानगढ़ी के साथ राम मंदिर में भी दर्शन-पूजन करेंगे। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दिन ही पार्टी नेता व पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय पवन ने इसकी जानकारी देकर 2027 के विधानसभा चुनाव के लुढ़के सियासी तापमान के पारे को चढ़ा दिया। अखिलेश के कार्यक्रम में राम मंदिर में रामलला का दर्शन व पूजन भी शामिल है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता उन पर हमलावर होते रहे हैं। पूर्व मंत्री ने इसकी जानकारी देने के लिए दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम का दिन चुना, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां स्वयं पहुंचे थे।

