
रांची। परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा है कि राज्य में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग एवं निस्तारण की प्रक्रिया भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए एक व्यवस्थित एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण विषय यह निर्धारित करना है कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाना है।



विशेषकर पुलिस विभाग के थानों में दुर्घटनाग्रस्त एवं लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों सहित अन्य विभागों के ऐसे वाहन, जो मरम्मत योग्य नहीं हैं अथवा जिनका उपयोग व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया है, उनके निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किया जाना आवश्यक है।
सचिव बुधवार को राज्य में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके सरकारी वाहनों के व्यवस्थित एवं पारदर्शी निस्तारण को लेकर बैठक कर रहे थे। सचिव ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन स्क्रैपिंग से संबंधित वित्तीय एवं राजस्व संबंधी प्रविधानों का भी लाभ संबंधित विभागों को प्राप्त होगा। साथ ही, स्क्रैपिंग के उपरांत परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि भी सरकारी राजकोष में जमा होगी।
उन्होंने सभी विभागीय नोडल पदाधिकारियों से कहा कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से समझें तथा अपने-अपने विभागों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अधिकारियों को स्क्रैपिंग से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों, विभागीय जिम्मेदारियों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया।

