
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दीपावली से ठीक पहले तीन लाख अग्निवीरों को स्थाई करने का तोहफा दिया है। सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव करते हुए चार साल के बाद सेवामुक्त होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल के लिए बढा दिया है। दो साल बाद इन सभी 75 फीसदी अग्निवीरों को भी स्थाई सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को यह अहम फैसला लिया गया। बैठक के बाद चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल राजा सुब्रमणि ने कहा कि 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में अग्निवीरों की भर्ती शुरू की गई थी। अग्निवीरों का पहला बैच अब सेवामुक्त होने जा रहा है। संशोधित योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीर स्थाई सैनिक बनेंगे, जबकि शेष जो 75 फीसदी अग्निवीर सेवामुक्त होने थे, उन्हें अब दो साल का और सेवा विस्तार दिया जाएगा। उन्होने कहा कि दो साल बाद इन सभी 75 फीसदी को भी नियमित सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए सिर्फ दो शर्तें होंगी। एक वह स्थायी सैनिक बनने को इच्छुक हों तथा दूसरे भर्ती के मानदंडों पर खरे उतरते हों। जनरल सुब्रमणि ने कहा कि इस योजना से थल, जल और वायुसेना में मौजूदा समय में तैनात कुल तीन लाख अग्निवीरों को फायदा होगा। इनमें से करीब 45 हजार अग्निवीर अगले चार महीनों के भीतर चार साल पूरा करने वाले हैं। दो साल का सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को अधिक वेतन मिलेगा। पहले वर्ष 43,500 तथा दूसरे साल 47,500 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इसके अलावा उनके लिए एक नई सेवानिधि बनेगी, जिसमें अग्निवीरों को एक सहयोग राशि देनी होगी। इस राशि के 70 फीसदी के बराबर राशि सरकार उसमें अपनी तरफ से जमा करेगी। इस प्रकार दो साल की सेवा पूरी होने पर करीब 11 लाख की राशि अग्निवीरों को मिलेगी। यह चार साल की सेवा के बाद मिलने वाले पैकेज से अलग होगा। सीडीएस ने कहा कि अग्निपथ योजना में ये बदलाव सेनाओं में शामिल हो चुके करीब 3 लाख अग्निवीरों के लिए है। जो अग्निवीर अब भर्ती होंगे उनके लिए यह व्यवस्था नही है। हां, उनके लिए योजना की समीक्षा बाद में की जाएगी।सीडीएस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस बलों, सार्वजनिक उपक्रमों में सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के लिए भर्ती में आरक्षण के प्रावधान किए गये थे, लेकिन योजना में बदलाव के साथ वे खत्म हो गये हैं। जनरल सुब्रमणि ने कहा कि योजना में यह बदलाव अग्निवीरों की कार्यकुशलता देखने के बाद लिया गया है। इसकी लगातार समीक्षा की जा रही थी। पहले चरण में 25 फीसदी बेहतरीन अग्निवीरों को समाहित किया जा रहा है, जबकि शेष 75 फीसदी को करियर का एक मौका दिया जा रहा है। उन्होंने इन धारणाओं को भी खारिज किया कि अग्निवीरों को सिर्फ शांत स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। सुब्रमणि ने कहा कि करीब 30 फीसदी अग्निवीर आपरेशनल इलाकों में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि सेना में तीन तरह के सैनिकों यानि अग्निवीर, एक्सटेंडेट अग्निवीर और स्थाई सैनिक की मौजूदगी से कोई संचालनात्मक चुनौती नही होगी।




