
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी-वाराणसी में भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को तीन दिवसीय एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ का आगाज रोमांच और उत्साह के बीच हुआ। नमोघाट पर आज पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद गंगा की लहरों के ऊपर आसमान में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा बनाकर लोगों को चकित कर दिया। इसके लिए तीन किरण विमानों ने विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरी और गंगा के ऊपर आकाश को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजा दिया। भारतीय वायु सेना और भारतीय थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर इस फॉर्मेशन में शामिल हुए। वहीं, अत्याधुनिक राफेल ने उड़ान भर शौर्य और पराक्रम का मंजर दिखाया। तेजी से उड़ते हुए राफेल ने अपनी दिशा बदल दी। अपने सबसे कम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा पर उड़कर करतब दिखाए और गंगा के गंगा के ऊपर कई चक्कर लगाए और आड़े तिरछे ऊपर नीचे की गोते लगाए। इस दौरान राफेल ने उल्टी उड़ान भरी।



शो में सुखोई-30 एमकेआई के करतब ने दर्शकों के उत्साह को मानो चरम पर पहुंचा दिया। हवाई शो में भारतीय सेना की खास सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी अपनी उड़ान कला का प्रदर्शन किया और पूरे आसमान को तिरंगे से रंग दिया। एयरशो में लड़ाकू विमानों की गर्जना, तेज रफ्तार उड़ान और हैरतअंगेज कलाबाजियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काशी में पहली बार इस तरह के हवाई प्रदर्शन ने देश की हवाई शक्ति और सैन्य सामर्थ्य के प्रति लोगों में गौरव बोध कराया। विमानों ने भी तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाकर देशभक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। इसके पहले सुबह 10 बजे से ही लोग उल्लासपूर्ण माहौल में घाटों और गंगा के उस पार जुट गए।
एयर शो के मुख्य आयोजन से पहले नमोघाट और आसपास के घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आसमान में विमानों की कतारबद्ध उड़ान, सटीक तालमेल और रोमांचक हवाई करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और सामरिक ताकत का प्रदर्शन देखकर लोग प्रभावित नजर आए। शुरूआत नमोघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से हुई।
एयर शो में केदार, सारंग, ओंकार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन और दशाश्वमेध सहित विभिन्न नामों पर आधारित हवाई फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। विमानों ने अनुशासित उड़ान, सटीक समन्वय और शानदार हवाई युद्धाभ्यास के जरिए वायु योद्धाओं की पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया।

