
महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्यभर में 1040 टीमों का गठन, स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ाई गई निगरानी



पटना। बिहार में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से गठित ‘पुलिस दीदी’ यानी अभय ब्रिगेड की टीमें सक्रिय हो गई हैं। स्कूटी से लैस इन महिला पुलिसकर्मियों की टीमों ने महज एक महीने में 790 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान विभिन्न थानों में 21 मामले भी दर्ज किए गए। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इस विशेष टीम का गठन किया गया है।
एक हजार स्कूटी से मजबूत होगी पुलिस दीदी टीम
पुलिस दीदी टीम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 अगस्त को एक हजार स्कूटी वितरित की थीं। इसके अतिरिक्त 1500 स्कूटी की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया है। राज्यभर में थाना स्तर पर कुल 1040 टीमों का गठन किया गया है। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इन टीमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजारों तक निगरानी
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उन स्थानों को चिह्नित किया है, जहां उनकी आवाजाही अधिक रहती है। इनमें स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेले, प्रदर्शनियां, हाट-बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थल शामिल हैं। इन संवेदनशील स्थानों पर पुलिस दीदी की टीमें निगरानी रखती हैं, ताकि छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
एक स्कूटी पर तैनात रहेंगी दो महिला पुलिसकर्मी
पुलिस दीदी की प्रत्येक टीम में एक स्कूटी पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनकी प्रतिनियुक्ति संबंधित जिले में उपलब्ध पुलिस बल से की जाती है। टीम संबंधित थानाध्यक्ष के नियंत्रण और निर्देशन में काम करती है।
प्रत्येक जिले में पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र अथवा संबंधित विशेष पदाधिकारी को टीम के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी सदस्य के अवकाश पर रहने या अनुपस्थित होने की स्थिति में वैकल्पिक पुलिस बल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, कुल टीम संख्या का 18 प्रतिशत अतिरिक्त बल रिजर्व में रखने का प्रावधान है।
‘ऑपरेशन विधि पालक युवक’ के तहत चलाया गया जागरूकता अभियान
महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए 21 जुलाई से 10 अगस्त तक राज्यभर में विशेष जागरूकता अभियान ‘ऑपरेशन विधि पालक युवक’ चलाया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणियों, पीछा करने तथा महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों और दंड के बारे में जागरूक करना था।
अभियान के दौरान कुल 2694 संस्थानों और स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 2113 स्कूल, 67 कॉलेज और 514 अन्य स्थान शामिल थे। अन्य स्थानों में छात्रावास, हाट-बाजार, चौक और रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। अभियान के माध्यम से कुल 2,79,941 छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को जागरूक किया गया। इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस दीदी की टीमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिला सुरक्षा के लिए गठित इन टीमों की कार्रवाई और जागरूकता अभियान के जरिए पुलिस का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाना तथा कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

