
रांची। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने कथित माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को कोलकाता एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, असीम मंडल सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-I का सचिव रहा है।



कोलकाता एसटीएफ ने गुरुवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के ललाट गांव, पूर्वी मेदिनीपुर से असीम मंडल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से दो बैग बरामद किए गए, जिनमें कथित तौर पर माओवादी साहित्य, किताबें, पुस्तिकाएं और इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण मिले हैं। गांव में पुलिस का तलाशी अभियान अभी जारी है। पुलिस को आशंका है कि उसने हथियार भी इलाके में छिपा रखे हैं।
चार दशक से उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ा होने का दावा
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला असीम मंडल 1980 के दशक में छात्र जीवन के दौरान वामपंथी उग्रवादी गतिविधियों के संपर्क में आया था। बाद में वह संगठन में सक्रिय हो गया और हथियारबंद दस्ते का हिस्सा बना।
बताया जाता है कि वह बाद में पीपुल्स वार ग्रुप से जुड़ा और पश्चिम बंगाल के सारेंगा व गोयालतोर के अलावा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गुराबांदा क्षेत्र में भी सक्रिय रहा।
55 गंभीर मामले दर्ज होने का दावा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले और मुठभेड़ से जुड़े मामले भी शामिल बताए जाते हैं। जंगलमहल क्षेत्र के लालगढ़ आंदोलन के दौरान भी उसकी सक्रिय भूमिका होने की बात जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में सामने आई है।
वर्ष 2010 में उसे माओवादी संगठन की पश्चिम बंगाल राज्य समिति का सचिव बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके साथ ही वह बंगाल-झारखंड-ओडिशा क्षेत्रीय समिति में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालता था।
किशनजी की मौत के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
वर्ष 2011 में माओवादी नेता किशनजी के मारे जाने के बाद असीम मंडल को पश्चिम बंगाल में संगठन की जिम्मेदारी मिलने की बात कही जाती है। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहा और लंबे समय तक भूमिगत रहकर संगठनात्मक गतिविधियां संचालित करने का आरोप है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, असीम मंडल झारखंड में सक्रिय माओवादी संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में भी रहा था। सुरक्षा बलों के खिलाफ कथित हिंसक गतिविधियों और संगठन के लिए लेवी वसूली से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आता रहा है।
पत्नी भी माओवादी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार
जांच अधिकारियों के अनुसार, असीम मंडल की पत्नी पटाशपुर क्षेत्र की रहने वाली है और कथित तौर पर सीपीआई (माओवादी) की कार्यकर्ता रही है। उसे कोलकाता पुलिस एसटीएफ ने 2010 में गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक, वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
झारखंड में एक करोड़, ओडिशा में 1.20 करोड़ का इनाम
असीम मंडल पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये, जबकि ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह उस पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के जंगल एवं आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के बाद बरामद सामग्री, संभावित हथियारों और उसके संपर्कों की जांच कर रही है।

