
पटना। राजधानी को जाम से राहत दिलाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की बड़ी पहल की है। शनिवार को विभागीय सभागार में ‘यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान’ विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पटना के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाने और जाम की समस्या का तकनीक आधारित समाधान तैयार करने पर चर्चा हुई। आर्केडिस आईबीआई ग्रुप की ओर से पटना के लिए तैयार ट्रैफिक मैनेजमेंट के तकनीकी ड्राफ्ट का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्ताव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित AI सिस्टम संभावित ट्रैफिक जाम का 30 से 40 मिनट पहले पूर्वानुमान लगाने में सक्षम होगा। इसके आधार पर ट्रैफिक सिग्नल और डायवर्जन को जरूरत के अनुसार स्वचालित रूप से बदला जा सकेगा। पटना के मौजूदा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए उसके ऊपर एक नई ‘इंटेलिजेंस लेयर’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे शहर में अलग-अलग जगहों से मिलने वाले ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर जाम की स्थिति को पहले ही भांपने में मदद मिलेगी। इस तकनीक का उद्देश्य ट्रैफिक पुलिस पर दबाव कम करने के साथ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करना है।



एंबुलेंस को रास्ता देगा AI, 10 मिनट में अस्पताल पहुंचाने की योजना : नई व्यवस्था में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में AI के जरिए दुर्घटना की स्वचालित पहचान का प्रस्ताव है। सिस्टम दुर्घटना का पता लगते ही नजदीकी एंबुलेंस को अलर्ट करेगा। इसके बाद एंबुलेंस को ट्रैफिक में प्राथमिकता दिलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जा सकेगा। लक्ष्य आपात स्थिति में मरीज को करीब 10 मिनट में अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। पीएमसीएच समेत प्रमुख अस्पतालों की ओर जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक को प्राथमिकता देने की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। इससे दुर्घटना या अन्य मेडिकल इमरजेंसी के समय जाम की वजह से होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
डाकबंगला से बेली रोड तक ट्रैफिक पर खास नजर : कार्यक्रम में पटना के प्रमुख जाम वाले इलाकों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डाकबंगला, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान और अशोक राजपथ जैसे इलाकों को प्रमुख दबाव वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया। इसके अलावा सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड पर भी रोजाना बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव और इसके समाधान पर मंथन हुआ। शहर की बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या, अतिक्रमण और ट्रैफिक नियमों के पालन को भी जाम की बड़ी वजहों में शामिल किया गया। इन क्षेत्रों के लिए डेटा आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।
ई-रिक्शा और ऑटो के लिए बनेगा डिजिटल सिस्टम : प्रस्तावित व्यवस्था में ई-रिक्शा और ऑटो के अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित करने के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। स्टेशन और बाजार क्षेत्रों में जहां ऑटो-ई-रिक्शा के कारण अक्सर ट्रैफिक बाधित होता है, वहां डिजिटल तरीके से उनके ठहराव को नियंत्रित करने की योजना है। पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली भीड़ और यात्रियों के ड्रॉप-ऑफ को भी तकनीक के जरिए व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। इससे स्टेशन के आसपास अचानक बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अतिक्रमण और पार्किंग पर भी AI की नजर : नई तकनीकी व्यवस्था में सड़क किनारे होने वाली अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण को चिन्हित करने की योजना है। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ाने और ट्रैफिक के लिए उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। ट्रैफिक नियंत्रण में तैनात जवानों के लिए अटेंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बारिश और जलजमाव के दौरान प्रभावित सड़कों की पहले से पहचान कर वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी देने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे जलजमाव के कारण मुख्य मार्गों पर अचानक लगने वाले जाम का असर कम किया जा सकेगा।
पथ निर्माण विभाग ने तैयार की कार्ययोजना : कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने की। मुख्य वक्ताओं में सीआरआरआई के पूर्व निदेशक एवं आईआईटी बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर पीके सिकदर और आर्केडिस आईबीआई ग्रुप के इंडिया ऑपरेशन्स के कंट्री हेड वेंकटा चुंदुरू शामिल रहे। दोनों विशेषज्ञों ने पटना के ट्रैफिक मैनेजमेंट और संभावित समाधानों पर आर्केडिस की ओर से तैयार तकनीकी ड्राफ्ट का प्रस्तुतीकरण किया।
कार्यक्रम में बीएसआरडीसीएल के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

